मप्र : इंदौर दूषित पेयजल मामले की जांच के लिए राज्यस्तरीय समिति गठित

मप्र : इंदौर दूषित पेयजल मामले की जांच के लिए राज्यस्तरीय समिति गठित

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  • Publish Date - January 20, 2026 / 05:28 PM IST,
    Updated On - January 20, 2026 / 05:28 PM IST

भोपाल, 20 जनवरी (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने इंदौर में दूषित पेयजल मामले की जांच करने के लिए एक राज्यस्तरीय समिति का गठन किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला की अध्यक्षता वाली यह समिति इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में हुए दूषित पेयजल के वास्तविक कारणों और प्रमुख तथ्यों की जांच करेगी तथा प्रशासनिक, तकनीकी और प्रबंधन संबंधी कमियों का विश्लेषण करेगी।

राज्यस्तरीय समिति को अपनी रिपोर्ट तथा सिफारिशें सौंपने के लिए कहा गया है।

उन्होंने बताया कि समिति घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करेगी, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सिफारिशें करेगी और जांच से संबंधित या उससे जुड़े अन्य आवश्यक विषयों को भी शामिल करेगी।

अधिकारी ने बताया कि समिति संबंधित विभागों से आवश्यक अभिलेख, रिपोर्ट और जानकारी प्राप्त करेगी और यदि आवश्यक हो तो मौके पर जाकर निरीक्षण करेगी।

उन्होंने बताया कि समिति अपनी जांच रिपोर्ट एक महीने के भीतर राज्य सरकार को सौंपेगी।

समिति के अन्य सदस्यों में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव पी नरहरि और नगरीय प्रशासन एवं विकास निदेशालय के आयुक्त संकेत भोदावे शामिल हैं।

इंदौर संभागायुक्त सुदाम खड़े को समिति का सदस्य-सचिव नामित किया गया है।

राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में पेश अपनी स्थिति रिपोर्ट में दूषित पेयजल त्रासदी में मृतकों की संख्या सात बताई है, जिनमें एक पांच माह का शिशु भी शामिल है।

हालांकि, शासकीय महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज की एक समिति द्वारा तैयार की गई अंकेक्षण रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि भागीरथपुरा में 15 लोगों की मौत का इस प्रकोप से किसी न किसी रूप में संबंध हो सकता है।

भागीरथपुरा के लोगों का दावा है कि पिछले महीने इलाके में उल्टी-दस्त के प्रकोप से अब तक 24 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने इस त्रासदी के बाद 21 मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है।

अधिकारियों ने दावा किया है कि कुछ मौतें अन्य बीमारियों और कारणों से हुई थीं, लेकिन मानवीय आधार पर सभी शोकाकुल परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई।

भाषा

दिमो

रवि कांत