मप्र : उज्जैन में जलती चिता से मांस निकालकर खाने के आरोप में अघोरी किन्नर गिरफ्तार

मप्र : उज्जैन में जलती चिता से मांस निकालकर खाने के आरोप में अघोरी किन्नर गिरफ्तार

मप्र : उज्जैन में जलती चिता से मांस निकालकर खाने के आरोप में अघोरी किन्नर गिरफ्तार
Modified Date: September 1, 2026 / 09:07 pm IST
Published Date: September 1, 2026 9:07 pm IST

उज्जैन (मध्यप्रदेश), एक सितंबर (भाषा) धार्मिक नगरी उज्जैन के एक श्मशान घाट में जलती चिता पर शव से छेड़छाड़ करने और मांस निकालकर खाने के आरोप में पुलिस ने एक अघोरी किन्नर को मंगलवार को गिरफ्तार किया। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

इस घटना का एक वीडियो पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर तेजी से प्रसारित हो रहा था। इसके बाद ‘सेनापति काल भैरव’ नामक स्थानीय समिति की ओर से जीवाजीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

घटना के कथित वीडियो में आरोपी अघोरी हाथ में तलवार लिए जलती चिता के पास खड़ी दिखाई दे रही है। वीडियो में वह चिता से कथित तौर पर मांस निकालकर खाते हुए भी नजर आ रही है।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी किन्नर की तलाश शुरू की थी।

पुलिस के मुताबिक, खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताने वाली काली उर्फ नंद गिरी ने ही चक्रतीर्थ श्मशान घाट में इस घटना का वीडियो बनवाकर अपने इंस्टाग्राम खाते पर अपलोड किया था।

नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) पुष्पा प्रजापति ने बताया कि आरोपी काली उर्फ नंद गिरी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 301 और आयुध अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया है। उसे न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी की अदालत में पेश किया गया।

जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर शैलेषानंद गिरी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि सभ्य समाज में इस तरह के कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जा सकते।

उन्होंने कहा, ‘‘अघोर साधना को गोपनीय रखना जरूरी है। इसे सार्वजनिक नहीं किया जा सकता। जो भी साधक इसे सार्वजनिक करता है, वह कहीं न कहीं ढोंगी हो सकता है। इस प्रकार का कृत्य, जिसमें मानव मांस के भक्षण का दृश्यांकन किया गया हो, वह नर-पिशाच की श्रेणी में आता है। इस बात को समझना होगा।’’

भाषा

सं, ब्रजेन्द्र रवि कांत


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