मप्र : मंत्रिमंडल ने 10,630 करोड़ रुपये के विकास प्रस्तावों को दी मंजूरी

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मप्र : मंत्रिमंडल ने 10,630 करोड़ रुपये के विकास प्रस्तावों को दी मंजूरी

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  • Publish Date - August 25, 2026 / 09:34 PM IST,
    Updated On - August 25, 2026 / 09:34 PM IST

भोपाल, 25 अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए 10,630 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने यहां संवाददाताओं को मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि इन फैसलों से राज्य के विकास को गति मिलेगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) को 12 मार्गों के निर्माण के लिए नाबार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट असिस्टेंस (एनआईडीए) के तहत 4,600 करोड़ रुपये के ऋण के लिए शासकीय गारंटी देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

इन मार्गों में भोपाल-विदिशा, खलघाट-मनावर-मांगोद, मंदसौर-सीतामऊ, सीतामऊ-बसई-सुवासरा, पूर्वी भोपाल बायपास (चार लेन को छह लेन), नीमच-मनासा-रामपुरा-झालावाड़, इंदौर-देपालपुर (चार लेन), चापड़ा-नेवरी-देवास (दो लेन), दिनारा-दतिया-सेवढ़ा, आगर-सारंगपुर, सोयत-माचलपुर-जीरापुर, राहतगढ़-खुरई-खिमलासा तथा सुंदरा-सिंहपुर-कोठी-बिरसिंहपुर-सेमरिया-गोहदा-सिरमौर मार्ग शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि चयनित राजमार्गों, मुख्य जिला मार्गों, अन्य जिला मार्गों और ग्रामीण मार्गों की श्रेणी के 22 मार्गों का स्वामित्व मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया है।

मंत्रिमंडल ने 3,960 करोड़ रुपये की लागत से सिवनी-बालाघाट के 91.64 किलोमीटर लंबे मार्ग को चार लेन में बदलने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

सिंह ने कहा कि बालाघाट खनिज एवं वन उत्पादों का प्रमुख व्यापारिक केंद्र है, जबकि सिवनी कृषि और पर्यटन का प्रमुख केंद्र है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह मार्ग क्षेत्रीय आर्थिक विकास और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से कान्हा राष्ट्रीय उद्यान, पेंच राष्ट्रीय उद्यान सहित सिवनी और बालाघाट क्षेत्र की ग्रामीण एवं शहरी आबादी को लाभ मिलेगा। लगभग आठ से 10 लाख लोगों को इस मार्ग से बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी।’’

सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के तहत निर्धन एवं कमजोर वर्गों से जुड़ी 19 जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए 1,740 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

मंत्री ने कहा, ‘‘ये योजनाएं गरीब, कमजोर, निराश्रित और वरिष्ठ नागरिकों, कन्या विवाह एवं निकाह सहायता, दिव्यांगजनों, नशा पीड़ितों और ट्रांसजेंडर समुदाय के सामाजिक, आर्थिक एवं समग्र विकास से संबंधित हैं।’’

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य एवं तकनीकी अवसंरचना के विस्तार के तहत उज्जैन स्थित मध्य प्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 244 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा साइबर सुरक्षा प्रबंधन के लिए एमपी-सीईआरटी योजना के तहत 80 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

मंत्रिमंडल ने आपसी सहमति से भूमि क्रय नीति में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, संगणित पुनर्वास अनुदान के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र में स्थित निजी कृषि भूमि पर स्थापित स्थावर परिसंपत्तियों को छोड़कर कृषि भूमि के लिए कलेक्टर द्वारा जारी दिशा-निर्देशों में उस समय प्रभावी दर के अनुसार संगणित मूल्य की दोगुनी राशि भी पुनर्वास अनुदान के रूप में दी जाएगी।

विज्ञप्ति में कहा गया कि नीति के अनुरूप प्रारूपों में आवश्यक संशोधन कर विभाग अपने स्तर पर उन्हें जारी कर सकेगा तथा अतिरिक्त आवश्यक प्रारूप भी जारी किए जा सकेंगे।

मंत्रिमंडल ने नयी दिल्ली स्थित मध्यप्रदेश भवन और अतिथि गृहों के उन्नयन के लिए 250 करोड़ 67 लाख रुपये मंजूर किए। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता, 2023 के तहत आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) को अधिकृत करने तथा महिला टी20 दृष्टिबाधित क्रिकेट विश्व कप 2025 की पदक विजेता खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 78 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की भी मंजूरी दी गई।

भाषा

ब्रजेन्द्र रवि कांत