इंदौर, 22 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने महिलाओं के आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक के संसद में पारित नहीं होने को लेकर बुधवार को कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि प्रमुख विपक्षी दल आधी आबादी को उसके अधिकारों से पहले भी वंचित करता आया है।
यादव, इंदौर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’ के तहत वक्ता प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लेकर आए, लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इसे संसद में पारित नहीं होने दिया।
यादव ने महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर खासकर कांग्रेस को घेरा।
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 1985 में बहुचर्चित शाहबानो प्रकरण में इंदौर की इस तलाकशुदा महिला को उसके पूर्व पति द्वारा गुजारा भत्ता प्रदान किए जाने का ऐतिहासिक आदेश दिया था, लेकिन कांग्रेस की अगुवाई वाली तत्कालीन केंद्र सरकार ने कानून बनाकर शीर्ष अदालत के फैसले को पलट दिया था।
यादव ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने तीन तलाक प्रथा के खिलाफ कानून बनाकर मुस्लिम महिलाओं को उनका अधिकार दिलाया।’’
प्रशिक्षण कार्यशाला को भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, पूर्व सांसद डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी संबोधित किया।
इसमें मेजबान मध्यप्रदेश के साथ ही छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गोवा, दमन व दीव, दादरा एवं नागर हवेली के 350 से अधिक भाजपा नेता शामिल हुए।
भाषा हर्ष जितेंद्र
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