मप्र : केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने किया राजभवन का घेराव

मप्र : केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने किया राजभवन का घेराव

मप्र : केन्द्र एवं मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में कांग्रेस ने किया राजभवन का घेराव
Modified Date: March 13, 2023 / 07:45 pm IST
Published Date: March 13, 2023 7:45 pm IST

भोपाल, 13 मार्च (भाषा)कांग्रेस ने सरकार द्वारा उद्योगपति गौतम अडाणी के पक्ष में कथित ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ नीति अपनाने, देश में बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी, एससी/एसटी, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिलाओं पर अत्याचार समेत अन्य मुद्दों को लेकर सोमवार को यहां स्थित मध्यप्रदेश राजभवन का घेराव किया।

इस घेराव का नेतृत्व करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ और मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्रीगण सुरेश पचोरी एवं अरुण यादव तथा राज्य के पूर्व मंत्रीगण अजय सिंह, सज्जन सिंह वर्मा, जीतू पटवारी और जयवर्धन सिंह सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने केंद्र और राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की नीतियों के विरोध में जवाहर चौक से राजभवन की ओर रैली निकाली।

इस अवसर पर कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मध्यप्रदेश के प्रभारी जेपी अग्रवाल भी मौजूद थे।

हालांकि, पुलिस ने करीब 100 मीटर की दूरी पर रोशनपुरा चौराहे से पहले ही उन्हें रोक दिया व आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।

जब कांग्रेस सदस्यों ने चेतावनी के बावजूद अवरोधक पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें वहां से तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।

पार्टी सूत्रों ने दावा किया कि इस दौरान पुलिस एवं प्रदर्शनकारियों की झड़प में कई कांग्रेस कार्यकर्ता घायल हो गए।

कांग्रेस के एक नेता ने बताया कि रोशनपुरा चौराहे के पहले ही कांग्रेसजनों को रोक लिया गया, जहां राजभवन के अधिकारियों को भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों सहित अन्य मुद्दों को लेकर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की अगुवाई में ज्ञापन सौंपा गया।

वहीं, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्रुतकीर्ति सोमवंशी ने कहा कि जब कांग्रेसी आगे बढ़ने की अनुमति नहीं देने के बावजूद हंगामा करते रहे, तो उनमें से लगभग 1,000 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।

इससे पहले जवाहर चौक पर रैली को संबोधित करते हुए कमलनाथ ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि अगर आप सबने अपनी कमर कस ली तो हमें कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस के भविष्य की बात नहीं है, किसी उम्मीदवार के भविष्य की बात नहीं है, यह मध्यप्रदेश के भविष्य की बात है कि कैसा मध्यप्रदेश हम चाहते हैं।

नाथ ने कहा कि आज मध्यप्रदेश का हर वर्ग परेशान है, हमारा भटकता हुआ नौजवान दुखी है, किसान खाद-बीज के लिए भटक रहा है, हमारा छोटा व्यापारी परेशान है, महिलाओं पर अत्याचार चरम पर है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा उद्योगपति गौतम अडाणी के पक्ष में अपनायी गई ‘क्रोनी कैपिटलिज्म’ (वह पूंजीवादी व्यवस्था जिसमें उद्योगपतियों और सरकारी अधिकारियों की साठगांठ होती है)की नीति से गहराये आर्थिक संकट से गरीब और मध्यम वर्ग के करोड़ों भारतीयों की बचत जोखिम में तब्दील हो गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘ देश में बेहताशा बढ़ती हुई महंगाई, प्रदेश में व्याप्त बेरोजगारी, तनावग्रस्त किसान, अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग और महिलाओं पर हो रहे निरंतर व उत्तरोत्तर अत्याचार, बलात्कार-सामूहिक बलात्कार और उसके बाद उनकी निर्मम हत्याओं, ध्वस्त कानून व्यवस्था, लूट, डकैती सहित भाजपा सरकार की गलत नीतियां के कारण आमजन परेशान है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और संघ (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) विचारधारा संवैधानिक संस्थाओं का दुरूपयोग और उनकी छवि धूमिल करने पर आमादा है।

भाषा रावत रावत धीरज

धीरज


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