भोपाल, नौ अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों में कांग्रेस ने बृहस्पतिवार को किसानों के मुद्दों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया और ऐसे ही एक प्रदर्शन के दौरान उसके एक नेता ने कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए ‘पागल हो चुके हैं।’
शाजापुर जिले में कलेक्टर कार्यालय के घेराव कार्यक्रम के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस सचिव और पूर्व विधायक कुणाल चौधरी ने यह आरोप भी लगाया कि शिवराज अपना ‘मानसिक संतुलन’ खो बैठे हैं।
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य और केंद्र सरकार को किसान विरोधी बताया तथा गेहूं की खरीद में देरी का आरोप लगाते हुए इसके लिए केंद्रीय कृषि मंत्री की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान ‘पागल हो चुके हैं’ और उनका ‘मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है।’
चौधरी ने कहा, ‘‘कृषि मंत्री या तो खराब स्वास्थ्य से जूझ रहे हैं या फिर ‘सस्ता नशा’ कर रहे हैं, जिसके कारण वह किसान हितों की रक्षा करने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।’’
इससे पहले, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर कार्यालय के घेराव के दौरान कार्यालय का चेनल गेट तोड़ दिया और परिसर में घुसकर कलेक्टर चेंबर के सामने देर तक नारेबाजी की।
कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी किसानों के मुद्दे पर केंद्र और राज्य की सरकार पर निशाना साधा तथा कहा कि आज तक प्रदेश में गेहूं खरीदी शुरू नहीं की गई है, जिससे किसान धूप में परेशान होकर मंडी के बाहर इंतजार करने को मजबूर हैं।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मंडी चार दिन से बंद है और सरकार जश्न मनाने में व्यस्त है, जबकि प्रशासन एसी कमरों में बैठकर किसानों की समस्याओं से अनजान बना हुआ है।’’
पटवारी ने सागर कृषि मंडी में किसानों से संवाद किया और चौहान के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें किसानों की आय आठ गुना बढ़ने की बात कही गई थी।
उन्होंने किसानों से सीधा सवाल करते हुए पूछा, ‘‘क्या वास्तव में आपकी आय बढ़ी है?’’
उन्होंने याद दिलाया कि चुनाव के समय किसानों से गेहूं 2,700 रुपये, धान 3,100 रुपये और सोयाबीन 6,000 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया गया था, लेकिन आज किसानों को इन फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ सीहोर में भाजपा की कथित किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया।
सिंघार ने कहा कि छोटे किसानों ने मजबूरी में अपनी फसल बेच दी, क्योंकि सरकार ने समय पर खरीददारी शुरू नहीं की।
उन्होंने कहा, ‘‘आज जो खरीद शुरू हुई है, वह भी कांग्रेस के दबाव में हुई है।’’
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े-बड़े ‘इवेंट’ करती है, करोड़ों रुपये विज्ञापनों पर खर्च करना चाहती है, लेकिन किसानों के लिए कर्ज लेने या राहत देने की बात नहीं करती।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘शिवराज जी ने 17 साल तक इवेंट किए, लेकिन इन 17 सालों में क्या किसानों को पर्याप्त खाद मिला? “मामा” कहने से क्या सच में लाभ मिला?’’
उन्होंने कहा कि प्रदेश के “मामा” कहलाने वाले सीहोर जिले के किसानों की हालत क्यों नहीं देख रहे?
सिंघार ने कहा कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चौहान पंजाब में किसानों की फसल देखने जाते हैं, लेकिन उनके अपने ही क्षेत्र के किसान परेशान और रो रहे हैं।
चौहान विदिशा से सांसद हैं।
इन आरोपों पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्त मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने एक बयान में कहा कि गेहूं की खरीद इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में नौ अप्रैल से शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि पहले दिन 45 केन्द्रों पर 1616 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई और शेष संभागों में 15 अप्रैल से खरीद शुरू होगी।
राजपूत ने बताया है कि राज्य में गेहूं खरीद के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है।
भाषा सं ब्रजेन्द्र
राजकुमार
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