भोपाल, 17 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों ने इंदौर के दूषित जल प्रकरण के मुद्दे पर प्रदर्शन किया और नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग की।
विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस विधायकों ने हाथों में गंदे पानी से भरी बोतलें और नारे लिखी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत हो गई लेकिन इस गंभीर मामले में भी सरकार अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने इंदौर दूषित कांड मामले में विजयवर्गीय को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि नैतिक आधार पर उन्हें तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए।
सिंघार ने ‘पीटीआई वीडियो’ से बातचीत में कहा, ‘‘जो जिम्मेदार मंत्री हैं, वह कुर्सी पर बैठे हुए हैं और इंदौर की जनता श्मशान घाट जा रही है। हमारी मांग स्पष्ट है। या तो मुख्यमंत्री उनसे इस्तीफा लें या फिर मुख्यमंत्री खुद इस्तीफा दें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रकार से रहमान डकैत ने जितनी गंदी मौत नहीं दी, उससे ज्यादा गंदी मौत भाजपा की सरकार ने इंदौर के लोगों को दी है।’’
नेता प्रतिपक्ष ने बॉलीवुड फिल्म ‘धुरंधर’ में कलाकार अक्षय खन्ना द्वारा निभाए गए किरदार ‘रहमान डकैत’ का उल्लेख करते हुए कहा कि उसने फिल्म में लोगों को जितनी गंदी मौत नहीं दी, ‘उससे ज्यादा गंदी मौत भाजपा की सरकार ने इंदौर के लोगों को दी’।
फिल्म धुरंधर में रहमान डकैत अपराधियों का एक सरदार है, जो नशा, अवैध हथियारों के धंधे और हत्या जैसे जघन्य अपराधों को अंजाम देता है।
सिंघार ने इंदौर प्रकरण के दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही प्रदेश के नागरिकों को स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाने की भी मांग की।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि विपक्ष की ओर से विधानसभा में इस मुद्दे पर कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया गया है लेकिन सरकार इस पर चर्चा कराने से भाग रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बावजूद सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा से बच रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करना चाहती है कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती तब तक वह संघर्ष जारी रखेगी।’’
मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण के दौरान भी कांग्रेस सदस्यों ने इंदौर दूषित जल के मुद्दे पर हंगामा किया था, जिसके बाद राज्यपाल मंगू भाई पटेल अपना अभिभाषण पूरा नहीं कर सके थे। बाद में विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि उनके भाषण के शेष अंश को पढ़ा हुआ माना जाए। इसके बाद उन्होंने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी थी।
भाषा ब्रजेन्द्र मनीषा
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