Police Video Viral: पुलिस की शर्मनाक करतूत! ट्रेन के AC कोच में सफर के दौरान किया ऐसा काम, वीडियो देखकर आपको भी नहीं होगा यकीन

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Police Video Viral: पुलिस की शर्मनाक करतूत! ट्रेन के AC कोच में सफर के दौरान किया ऐसा काम, वीडियो देखकर आपको भी नहीं होगा यकीन

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 12:37 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 12:37 PM IST

Police Video Viral | Photo Credit: IBC24 Customize

HIGHLIGHTS
  • एसी कोच से तकिया चोरी करते पकड़ा गया पुलिसकर्मी
  • सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
  • आरोपी ने मौके पर हाथ जोड़कर मांगी माफी

नई दिल्ली: Indian Railways latest update भारतीय रेलवे अपने एसी कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए बेडशीट और चादर की व्यवस्था करती है। ये सुविधाएं केवल ट्रेन के भीतर ही इस्तेमाल करने के लिए दी जाती हैं, ताकि सफर के दौरान यात्री आरामदायक महसूस कर सकें। लेकिन कई बार देखा जाता है कि यात्री ट्रेन से उतरते समय अपने साथ ले जाते हैं। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें एक पुलिस का सिपाही ही ताकिया को अपने बैग में रख लिया। हालांकि उसे समय रहते ही ट्रेन के स्टॉप ने पकड़ लिया। उसके बाद आरोपी सभी के सामने मांफी मांगने लगा।

जानिए पूरा मामला

Police Video Viral मिली जानकारी के अनुसार, मामला गांड़ी नंबर 0403 एक्सप्रेस ट्रेन मे फतेहपुर स्टेशन का है। दरअसल, इस ट्रेन के बी-1 कोच में एक पुलिसवाला भी सफर कर रहा था, लेकिन जैसे ही उनका स्टेशन आया वो अपने बैग में तकिया को रखा था। इसी दौरान उन्हें रेलवे स्टॉफ ने पकड़ लिया। जिसके बाद पुलिसवाले ने हाथ जोड़कर माफी मांगने लगता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूछताछ करने पर आरोपी गिड़गिड़ाने लगा। इस दौरान, वह पुलिस वाले का वर्दी पर लगा नेम प्लेट चेक करते है, तो उसका नाम ‘भानू प्रताप सिंह’ पता लगता है।

पुलिस वाले ने बताया कि उसकी ‘प्रयागराज कुंभ’ में उसकी ड्यूटी लगी है। आगे जब रेलवे वाले उसपर शराब पीने का इल्जाम लगाते है, तो वह कहता है कि नहीं, शराब तो 1 बूंद नहीं पीए है। थैले से निकली 2 तकिए के बारे में जब रेलवे स्टाफ, पुलिस कर्मचारी से पूछता है, तो वह बताता है कि ‘ये गिरी हुई थी, इसलिए उसने उठा ली।’

आरोपी ने अधिकारियों के सामने मांगी माफी

ट्रेन के कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरोपी को रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हवाले कर दिया गया। आरपीएफ ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में यात्रियों की सुविधाओं के लिए उपलब्ध कराए गए बेडरोल की चोरी दंडनीय अपराध है। मामले की जांच जारी है।

चोरी करने पर ये है सजा

आपको बता दें कि एसी कोच में यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे द्वारा तकिया और बेडरोल दिया जाता है। यह ट्रेन के अंदर ही यात्रियों को इस्तेमाल किया जाता है। अगर इसे चोरी करते पकड़े गए तो भारतीय रेल अधिनियम, 1966 की धारा 3 के तहत रेलवे संपत्ति की चोरी या नुकसान के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।

कितने साल की होती है सजा?

पहली बार अपराध करने वाले को एक साल तक की जेल, ₹1,000 तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। बार-बार अपराध करने या गंभीर उल्लंघन के मामलों में सजा पांच साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अधिकारी समय-समय पर ट्रेनों में यात्रियों की जांच करते हैं। अगर किसी के पास बिना उचित कारण के चादर, तकिया या कंबल पाया जाता है और वह इसे वापस नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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ट्रेन में यात्रियों को तकिया और बेडरोल क्यों दिया जाता है?

एसी कोच में यात्रियों की सुविधा और आराम के लिए रेलवे तकिया, चादर और बेडरोल उपलब्ध कराती है।

क्या यात्री इन सामानों को ट्रेन से बाहर ले जा सकते हैं?

नहीं, ये सुविधाएं केवल ट्रेन के भीतर उपयोग के लिए होती हैं। बाहर ले जाना चोरी माना जाता है।

चोरी करने पर क्या सजा हो सकती है?

पहली बार अपराध पर एक साल तक की जेल या ₹1,000 जुर्माना या दोनों। बार-बार अपराध पर पाँच साल तक की जेल और भारी जुर्माना।