मप्र सरकार ने छह नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी, मिडवासा सिंचाई परियोजना मंजूर

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मप्र सरकार ने छह नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी, मिडवासा सिंचाई परियोजना मंजूर

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  • Publish Date - April 13, 2026 / 08:34 PM IST,
    Updated On - April 13, 2026 / 08:34 PM IST

भोपाल, 13 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश में छह नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी गई और इसके लिए 1674 करोड़ रुपये मंजूर किये गये। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में इसकी मंजूरी दी गयी।

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दिए जाने के अलावा लोक निर्माण विभाग, महिला बाल विकास के कार्यों और कृषि विभाग के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

अधिकारी के अनुसार, ‘‘भारत सरकार की सहायता से प्रदेश में नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना आगामी पांच वर्षों में पूरी की जाएगी और इसके लिए 1,674 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसमें जिला चिकित्सालय को चिकित्सा महाविद्यालय से सम्बद्ध किया जाएगा।’’

उन्होंने बताया कि राजगढ़, मंडला, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी और सिंगरौली जिलों में नये चिकित्सा महाविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिनसे राज्य के इन इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।

मंत्रिपरिषद द्वारा सागर जिले की मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के निर्माण के लिए 286 करोड़ 26 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।

अधिकारी ने बताया कि इस परियोजना से सागर जिले की सागर तहसील के 27 गांवों की 7200 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई से किसानों को लाभ मिलेगा।

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद द्वारा लोक निर्माण के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों के लिए 10,801 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।

उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत बीओटी मार्गों के विकास एवं पर्यवेक्षण के लिए 150 करोड़ रुपये, बीओटी परियोजनाओं की समाप्ति पर भुगतान के लिए 765 करोड़ रुपये, एन्युटी भुगतान के लिए 4,564 करोड़ रुपये और मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की बाह्य वित्त परियोजना के लिए 5,322 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी है। इसे 16वें वित्त आयोग की अवधि, एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक, जारी रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।

अधिकारी ने बताया कि मंत्रिपरिषद द्वारा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत प्रधानमंत्री पोषण शक्ति और मध्याह्न भोजन सहित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक सुचारू संचालन के लिए 3,553 करोड़ 35 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है।

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में ‘सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन’ के तहत कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने, ग्रामीण युवाओं के माध्यम से ‘कस्टम हायरिंग’ केन्द्रों की स्थापना करने, नरवाई प्रबंधन को बढ़ावा देने और प्रदेश के वन पट्टा धारकों के लिए हस्त-चलित या बैल-चलित कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध कराने के लिए पांच वर्षों के लिए 2,250 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

अधिकारी ने कहा कि योजना के क्रियान्वयन से ‘फार्म पावर’ उपलब्धता में वृद्धि होगी, कृषि यंत्रों के उपयोग से श्रमिकों पर निर्भरता में कमी आएगी और लागत एवं समय की बचत सहित रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि इससे वन-पट्टाधारी कृषक भी लाभान्वित होंगे।

मंत्रिपरिषद ने भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए लगभग 1,005 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया।

अधिकारी ने बताया कि ‘बेटी बचाओ-बेटी पढाओ’, ‘वन स्टॉप सेंटर’ एवं महिला हेल्पलाइन-181 के संचालन के लिए 240 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।

उन्होंने बताया कि मैहर, मऊगंज, पांढुर्णा, धार के मनावर और पीथमपुर, इंदौर के लसूड़िया और सांवेर एवं झाबुआ के पेटलावद में नये ‘वन स्टॉप सेंटर’ का संचालन किया जाएगा।

भाषा ब्रजेन्द्र

राजकुमार सुरेश

सुरेश