मप्र सरकार ने 11 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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मप्र सरकार ने 11 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया, कांग्रेस ने उठाए सवाल

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  • Publish Date - February 14, 2026 / 03:11 PM IST,
    Updated On - February 14, 2026 / 03:11 PM IST

भोपाल, 14 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश सरकार ने शुक्रवार देर रात प्रशासनिक फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) 11 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए, जिसे कांग्रेस ने आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े अधिकारियों को ‘‘बचाने का प्रयास करार’’ दिया।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से शुक्रवार रात करीब एक बजकर 55 मिनट पर जारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को स्वास्थ्य विभाग का प्रभार सौंपा गया। वह संदीप यादव का स्थान लेंगे। यादव को वन विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया। उन्हें प्रवासी भारतीय (एनआरआई) विभाग का प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष सिंह को एक बार फिर जनसंपर्क आयुक्त नियुक्त किया गया है। वह परिवहन सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे।

पिछले चार माह से जनसंपर्क आयुक्त पद पर तैनात दीपक सक्सेना को आबकारी आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्होंने अभिजीत अग्रवाल का स्थान लिया है, जिन्हें राज्य सहकारी विपणन संघ का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है।

नयी आबकारी नीति के क्रियान्वयन से पहले अग्रवाल का तबादला किया गया है।

अन्य अधिकारियों में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक अजय गुप्ता का तबादला कर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, जबलपुर का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया।

उमाशंकर भार्गव किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संचालक नियुक्त किए गए।

भिंड जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील दुबे को राज्यपाल के उप सचिव के रूप में नियुक्त किया गया है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग की उप सचिव संघमित्रा गौतम का अलीराजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर तबादला किया गया।

आगर मालवा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नंदा भलावे कुशरे को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में अतिरिक्त परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है। स्कूल शिक्षा विभाग के उप सचिव कमल सोलंकी को रायसेन जिला पंचायत का मुख्य कार्यपालन अधिकारी बनाया गया है।

फेरबदल पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग में कथित भ्रष्टाचार में लिप्त तत्वों को संरक्षण दिया जा रहा है। पार्टी ने इंदौर में कथित अनियमितताओं और जबलपुर में कथित तौर पर जहरीली शराब से हुई मौतों का भी जिक्र किया।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘तबादले कर दिए गए, लेकिन जवाबदेही का क्या?’’

इसने आरोप लगाया, ‘‘अभिजीत अग्रवाल ने आबकारी विभाग में भ्रष्ट तत्वों को संरक्षण दिया। इंदौर में 75 करोड़ रुपये के फर्जी चालान और जबलपुर में जहरीली शराब से 15 से अधिक मौतें हुईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सोम डिस्टिलरी तो सिर्फ शुरुआत है।’’

भाषा दिमो

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