मध्यप्रदेश : सतपुड़ा की पहाड़ियों में जहां सड़कें खत्म हो जाती हैं, वहां ‘ग्रीन कमांडो’ पहुंचे

मध्यप्रदेश : सतपुड़ा की पहाड़ियों में जहां सड़कें खत्म हो जाती हैं, वहां ‘ग्रीन कमांडो’ पहुंचे

मध्यप्रदेश : सतपुड़ा की पहाड़ियों में जहां सड़कें खत्म हो जाती हैं, वहां ‘ग्रीन कमांडो’ पहुंचे
Modified Date: July 16, 2026 / 08:43 pm IST
Published Date: July 16, 2026 8:43 pm IST

बड़वानी, 16 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में सतपुड़ा की दुर्गम पहाड़ियों, घने जंगलों और संकरी पगडंडियों को पार करते हुए प्रशासन के ‘ग्रीन कमांडो’ बृहस्पतिवार को जनजातीय परिवारों के उन 2,500 घरों तक पहुंचे, जहां आम दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान नहीं है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि जिले के पाटी विकासखंड के बोकराटा क्षेत्र में ‘मिशन ग्रीन कमांडो’ चलाया गया।

‘ग्रीन कमांडो’ से आशय इस अभियान में शामिल स्वास्थ्य, राजस्व और पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों, मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों और स्थानीय स्वयंसेवकों से है, जिन्हें दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।

जिलाधिकारी जयति सिंह ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस अभियान के तहत 200 दल गठित किए गए थे, जिन्होंने नौ ग्राम पंचायतों के करीब 2,500 घरों तक पहुंच बनाई।

उन्होंने बताया कि दलों में शामिल ‘ग्रीन कमांडो’ ने बच्चों का टीकाकरण किया, गर्भवती महिलाओं का प्रसव-पूर्व स्वास्थ्य परीक्षण व पंजीयन किया, सिकल सेल एनीमिया की जांच की और कुपोषित बच्चों की पहचान की।

अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी और वन क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए बस और कार के साथ-साथ मोटरसाइकिल का भी इस्तेमाल किया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, जहां वाहनों की पहुंच समाप्त हो गई, वहां ‘ग्रीन कमांडो’ दवा किट, टीकाकरण सामग्री और जांच उपकरण लेकर पैदल आगे बढ़े।

आदिवासी बहुल बोकराटा क्षेत्र अपनी कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र में कई बस्तियां ऐसी हैं, जहां पहुंचने के लिए पहले वाहन से लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और उसके बाद पहाड़ी रास्तों तथा जंगलों से गुजरते हुए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है।

भाषा

हर्ष पारुल

पारुल


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