जबलपुर, 16 मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सेना के एक विवाहित अधिकारी पर शादी का झांसा देकर एक महिला पुलिसकर्मी से दुष्कर्म करने का आरोप लगाने वाली प्राथमिकी को रद्द कर दिया है।
अदालत का मानना था कि उनमें सहमति से संबंध बने थे और यह मामला शिकायतकर्ता की ओर से दबाव बनाने का प्रयास प्रतीत होता है।
न्यायमूर्ति विनय सराफ की एकल पीठ ने 11 मार्च को पारित एक आदेश में कहा कि ऐसा लगता है कि दोनों के बीच संबंधों में खटास आने के बाद मामला दायर किया गया है।
पीठ ने कहा, ”ऐसा प्रतीत होता है कि याचिकाकर्ता (सेना का अधिकारी) और शिकायतकर्ता (महिला पुलिसकर्मी) के बीच संबंधों में खटास के कारण शिकायतकर्ता ने याचिकाकर्ता पर संबंध जारी रखने के लिए दबाव बनाने वास्ते तत्काल प्राथमिकी दर्ज की है।’
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता के बीच लंबे समय से संबंधों को देखते हुए यह विश्वास करना मुश्किल है कि शादी के झूठे वादे के आधार पर शारीरिक संबंध बनाए गए थे।
उच्च न्यायालय ने कहा, ”उसी के मद्देनजर, इस अदालत का मानना है कि यह दुष्कर्म का मामला नहीं है बल्कि आपसी सहमति से संबंध बनाने का मामला है।’
पीठ ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग प्रतीत होता है। अदालत ने इसके साथ ही भोपाल के महिला थाना में पिछले साल दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की मांग करने वाली सेना के अधिकारी की याचिका को स्वीकार कर लिया।
उच्च न्यायालय ने कहा, ”इस अदालत को प्राथमिकी में ऐसा कोई तथ्य और कोई घटक नहीं मिला है कि बीएनएस की धारा 69 (धोखे से यौन संबंध या शादी करने के झूठे वादे के जरिए किया गया) या 351 (2) (आपराधिक धमकी) के तहत याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई अपराध बनता है।’
प्राथमिकी के अनुसार, पुलिसकर्मी पहली बार 23 दिसंबर 2012 को भोपाल के शाहजहांनाबाद इलाके में सेना की कैंटीन में अधिकारी से मिली थी, जिसके बाद उन्होंने मोबाइल फोन पर बात करना शुरू कर दिया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने खुद को कुंवारे होने का झूठा दावा किया और उससे शादी करने का वादा किया।
आरोप के मुताबिक अधिकारी ने उससे शारीरिक संबंध स्थापित किए और उसके बाद भी कई बार मिलता रहा।
प्राथमिकी में कहा गया है कि उसे बाद में 2013 में पता चला कि अधिकारी पहले से ही शादीशुदा था।
इसके मुताबिक महिला ने जब अधिकारी से इस बारे में पूछताछ की तो उसने कथित तौर पर उससे कहा कि उसकी पत्नी का चरित्र खराब था और वे एक साथ नहीं रह रहे थे।
आरोपों के मुताबिक अधिकारी ने उसे आश्वासन दिया कि वह पत्नी से तलाक लेगा और भविष्य में उससे शादी करेगा।
दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि दोनों के बीच संबंध 2025 तक जारी रहे और जब शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर पाया कि अधिकारी अन्य महिलाओं के भी संपर्क में था और उसने उन्हें भी इसी तरह का आश्वासन दिया था।
प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि अधिकारी ने बाद में उसे धमकी दी, जिसके बाद उसने पुलिस से संपर्क किया।
भाषा
ब्रजेन्द्र रवि कांत