भाजपा विधायक संजय पाठक को मप्र उच्च न्यायालय ने चेतावनी के साथ दी राहत

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भाजपा विधायक संजय पाठक को मप्र उच्च न्यायालय ने चेतावनी के साथ दी राहत

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 01:03 PM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 01:03 PM IST

जबलपुर, 23 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने कथित तौर पर एक न्यायाधीश को फोन करने के मामले में भाजपा विधायक और खनन कारोबारी संजय पाठक की बिना शर्त माफी स्वीकार करते हुए उन्हें भविष्य में ऐसी हरकत नहीं करने की चेतावनी दी है।

उच्च न्यायालय ने अवैध खनन से जुड़े मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश को फोन करने के आरोप में पाठक के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई आपराधिक अवमानना याचिका का निस्तारण करते हुए यह चेतावनी दी।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की खंडपीठ ने बुधवार को कहा, ‘‘हम इस बात से संतुष्ट हैं कि यह अवमानना ऐसी प्रकृति की नहीं है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में कोई महत्वपूर्ण बाधा उत्पन्न हुई हो। इसलिए हम उनके द्वारा प्रस्तुत बिना शर्त माफी स्वीकार करने के इच्छुक हैं।’’

अदालत ने कहा कि पाठक ने एक हलफनामा दायर कर अदालत और संबंधित न्यायाधीश, दोनों से बिना शर्त माफी मांगी है।

खंडपीठ ने हालांकि कहा, ‘‘हम यह चेतावनी देते हैं कि अवमाननाकर्ता, जो कि विधानसभा के सदस्य हैं, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वह भविष्य में ऐसी हरकत नहीं दोहराएं और आगे सावधानी बरतें।’’

पाठक के अनुसार, 30 अगस्त 2025 को संबंधित न्यायाधीश को गलती से फोन चला गया था। इसका अहसास होते ही कॉल तत्काल काट दी गई और इसके बाद केवल शिष्टाचारवश एक परिचयात्मक संदेश भेजा गया।

हलफनामे में विधायक ने ‘‘अनजाने में’’ हुई इस कॉल के लिए एक बार फिर बिना शर्त खेद और पश्चाताप व्यक्त किया।

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने दो अप्रैल को अवैध खनन मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश से कथित तौर पर संपर्क करने के प्रयास के आरोप में पाठक के खिलाफ आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।

बाद में संबंधित न्यायाधीश ने इस मामले से जुड़ी याचिका की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था। न्यायाधीश ने कहा था कि पाठक ने ‘‘इसी मामले पर चर्चा’’ करने के लिए उन्हें फोन करने का प्रयास किया था, इसलिए वह याचिका की सुनवाई करने के इच्छुक नहीं हैं।

भाषा सं दिमो सिम्मी वैभव

वैभव