मप्र: कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को ‘पत्र’ लिखकर इंदौर की अनदेखी करने का आरोप लगाया

मप्र: कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को ‘पत्र’ लिखकर इंदौर की अनदेखी करने का आरोप लगाया

मप्र: कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री को ‘पत्र’ लिखकर इंदौर की अनदेखी करने का आरोप लगाया
Modified Date: July 1, 2026 / 12:11 pm IST
Published Date: July 1, 2026 12:11 pm IST

इंदौर, एक जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के काबीना मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को लिखे कथित पत्र में विकास परियोजनाओं में अपने गृह जिले इंदौर की अनदेखी का दावा करते हुए कहा है कि पिछले ढाई वर्षों में उन्हें असहयोग, उपेक्षा और विरोध ही मिला है।

विजयवर्गीय ने कथित पत्र में चेताया कि अगर इंदौर के विकास से जुड़े विषयों का समाधान नहीं होता है, तो शहर की जनता की आवाज सार्वजनिक मंच पर उठाना उनकी विवशता होगी।

कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने हिन्दी अखबार ‘दैनिक भास्कर’ में विजयवर्गीय के कथित पत्र के अंशों वाली खबर बुधवार को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा। हालांकि, काबीना मंत्री ने पत्र के बारे में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

खबर के मुताबिक विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री यादव को 20 जून को लिखे कथित पत्र में इंदौर के मास्टर प्लान में देरी, उज्जैन-इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में इंदौर का नाम पीछे रखने और अन्य विकास परियोजनाओं के मुद्दे उठाते हुए कहा, ‘‘प्रदेश के मुखिया और मेरे गृह जिले के प्रभारी मंत्री होने के नाते मुझे आपसे (मुख्यमंत्री मोहन यादव) सहयोग की अपेक्षा थी, परंतु मुझे पिछले ढाई वर्षों में असहयोग, उपेक्षा व विरोध ही मिला है।’’

कथित पत्र में कहा गया, ‘‘मेरे विभाग के स्थानांतरण मेरी जानकारी के बिना कर दिए जाते हैं। इंदौर के विकास की गति बढ़ाना तो दूर, उसे न्यायोचित हक भी नहीं मिल पा रहा। यदि इन विषयों का समाधान नहीं होता है, तो इंदौर की जनता की आवाज को सार्वजनिक मंच पर उठाना मेरी विवशता होगी।’’

राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में गिने जाने वाले विजयवर्गीय के पास नगरीय विकास एवं आवास और संसदीय कार्य विभाग हैं।

कथित पत्र के बारे में हिन्दी दैनिक में छपी खबर के बारे में पूछे जाने पर विजयवर्गीय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आपको पता नहीं कहां से इस पत्र की जानकारी मिली है। आप उस समाचार पत्र वालों से ही पूछिए कि यह (पत्र) कहां से आया है और यह सही है या गलत?’’

कांग्रेस की प्रदेश इकाई ने सोशल मीडिया पर विजयवर्गीय के कथित पत्र के बारे में कहा, ‘‘गुरु गुड़ रह गए, चेले शक्कर बन गए ! मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को आखिरकार मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इंदौर के विकास की उपेक्षा का जिक्र करना ही पड़ा। सत्ता और प्रभुत्व की इस लड़ाई में मरण जनता का हो रहा है।’’

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस के कई नेताओं ने विजयवर्गीय के कथित पत्र को लेकर भाजपा में गुटबाजी का आरोप लगाया है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा नेताओं की कथित गुटबाजी का दुष्परिणाम सूबे की जनता भुगत रही है।

भाषा हर्ष वैभव खारी

खारी


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