मप्र: थार से पांच लोगों को कुचलने वाले आरोपी के विधायक पिता ने पुलिस अधिकारी को दी चुनौती

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मप्र: थार से पांच लोगों को कुचलने वाले आरोपी के विधायक पिता ने पुलिस अधिकारी को दी चुनौती

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  • Publish Date - April 20, 2026 / 10:04 PM IST,
    Updated On - April 20, 2026 / 10:04 PM IST

शिवपुरी, 20 अप्रैल (भाषा) मध्यप्रदेश में एक थार गाड़ी द्वारा पांच लोगों को कुचलकर घायल करने के मामले में आरोपी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक विधायक को इतनी नागवार गुजरी कि उन्होंने एक आईपीएस अधिकारी को कथित तौर पर चुनौती देते हुए यहां तक कह डाला कि वह पहले उनका पुराना इतिहास उठाकर देख लें।

आरोपी दिनेश लोधी, जिले की पिछोर विधानसभा सीट से भाजपा के विधायक प्रीतम लोधी का पुत्र है और उसने पिछले दिनों करेरा थानाक्षेत्र में थार वाहन से टक्कर मारकर तीन मोटरसाइकिल सवार युवकों और दो पैदल चल रही महिलाओं को घायल कर दिया था।

पुलिस ने इस मामले में विधायक पुत्र दिनेश लोधी पर केस दर्ज कर लिया था और उसे करेरा थाने में बुलाकर पूछताछ की थी।

करेरा के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीओपी) आईपीएस डॉ. आयुष जाखड़ ने बताया कि दिनेश लोधी से थाने में पूछताछ की गई और उसे घटनास्थल पर ले जाकर मौके का मुआयना भी कराया गया।

उन्होंने कहा कि वाहन पर लगी काली फिल्म हटवाई गई, हूटर भी निकलवाया गया तथा मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की गई है।

आईपीएस अधिकारी जाखड़ की कार्रवाई के बाद प्रीतम लोधी ने जाखड़ पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके पुत्र दिनेश लोधी से कहा है कि वह आगे से करेरा में न दिखे।

इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें प्रीतम लोधी कथित रूप से जाखड़ को यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि करैरा किसी के ‘डैडी की जागीर’ नहीं है।

कथित वीडियो में प्रीतम लोधी यह भी कहते हुए सुने जा रहे हैं कि उनका बेटा दिनेश करैरा आएगा भी और करेरा से चुनाव भी लड़ेगा।

वीडियो में प्रीतम लोधी ने पुलिस को चुनौती देते हुए यहां तक कहा कि अधिकारी उनका पुराना इतिहास उठाकर देख लें।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कथित वीडियो को ‘एक्स’ पर साझा करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा किया और कहा है कि मध्यप्रदेश में अब ‘कानून का राज’ नहीं, बल्कि ‘मोहन राज’ के नाम पर सत्ता का खुला दुरुपयोग और अराजकता चल रही है।

उन्होंने कहा कि विधायक के पुत्र द्वारा निर्दोष लोगों को थार वाहन से कुचलने की घटना ने पूरे मध्यप्रदेश को झकझोर दिया है लेकिन उससे भी अधिक चिंताजनक और शर्मनाक तथ्य यह है कि जब कानून ने अपना काम करना शुरू किया तो स्वयं विधायक पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को खुलेआम धमकाने एवं उनकी ‘औकात’ बताने पर उतर आए।

उन्होंने कहा कि विधायक की कथित टिप्पणी दर्शाती है कि भाजपा नेताओं में कानून का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह केवल एक व्यक्ति का अहंकार नहीं, बल्कि पूरे शासन तंत्र की विफलता और संरक्षण का परिणाम है।’’

भाषा सं ब्रजेन्द्र राजकुमार

राजकुमार