Mahakaleshwar Temple Ujjain: अब महाकालेश्वर मंदिर के जल्द दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु! प्रवेश नियमों में किए गए बड़े बदलाव, जानें कैसे

उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के लिए नई प्रवेश प्रणाली लागू की गई है। अब श्रद्धालु अवंतिका द्वार से आधार कार्ड और 250 रुपए की शीघ्र दर्शन राशि के माध्यम से प्रवेश कर सकेंगे।

Mahakaleshwar Temple Ujjain: अब महाकालेश्वर मंदिर के जल्द दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु! प्रवेश नियमों में किए गए बड़े बदलाव, जानें कैसे

Mahakaleshwar Temple Ujjain / Image Source : Social media

Modified Date: December 18, 2025 / 06:00 pm IST
Published Date: December 18, 2025 6:00 pm IST
HIGHLIGHTS
  • अवंतिका द्वार से अब शीघ्र दर्शन के लिए प्रवेश संभव।
  • 250 रुपए की शीघ्र दर्शन राशि से एंट्री पास मिलेगा।
  • मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए नई प्रणाली लागू की।

Mahakaleshwar Temple Ujjain  उज्जैन: प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम बनाने के उद्देश्य से मंदिर प्रशासन ने बड़े बदलाव किए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं का प्रवेश मार्ग परिवर्तित कर दिया गया है। ऐसे श्रद्धालु अब अवंतिका द्वार से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही उज्जैन शहर के स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित अवंतिका द्वार की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।

आधार कार्ड के माध्यम से प्रवेश

Mahakaleshwar Temple Ujjain  अब उज्जैनवासी नए द्वार से अपने आधार कार्ड के माध्यम से मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से जानकारी देते हुए सहायक प्रशासक मूलचंद जुनवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की गई है।

250 रुपए की शीघ्र राशि से जारी होगा एंट्री पास

Mahakaleshwar Temple Ujjain  उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के अंतर्गत शहनाई द्वार को अवंतिका द्वार के रूप में परिवर्तित किया गया है। इसी द्वार से अब 250 रुपए की शीघ्र दर्शन दान राशि के अंतर्गत जारी एंट्री पास के माध्यम से श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए प्रवेश कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था का उद्देश्य दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को न केवल बाबा महाकाल के शिखर दर्शन कराना है, बल्कि उन्हें सुगमता के साथ गर्भगृह दर्शन भी उपलब्ध कराना है।

गौरतलब है कि यही शहनाई द्वार वह द्वार है, जिससे वर्ष 2020 में भी श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाता था। नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ दर्शन व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

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