Mandakini River flood: मूसलाधार बारिश से हाहाकार, पूरे गांव में बाढ़ जैसे हालात, छतों पर फंसे सैकड़ों परिवार, वीडियो देख आप भी हो जाएंगे दंग

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Mandakini River flood: मूसलाधार बारिश से हाहाकार, पूरे गांव में बाढ़ जैसे हालात, छतों पर फंसे सैकड़ों परिवार, वीडियो देख आप भी हो जाएंगे दंग

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  • Publish Date - August 29, 2026 / 03:18 PM IST,
    Updated On - August 29, 2026 / 03:19 PM IST

Mandakini River flood | Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • रामघाट में बाढ़
  • मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा
  • गोरगी बांध टूटा

सतना: Mandakini River flood सतना में भगवान राम की तपोभूमि चित्रकूट में एक बार फिर मंदाकिनी नदी ने रौद्र रूप दिखाया है। भाद्रपद मास के पहले ही दिन करीब नौ घंटे हुई जोरदार बारिश से चित्रकूट के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। नयागांव और हनुमानधारा को जोड़ने वाला पुल की रेलिंग बह गई। (Chitrakoot Heavy Rain) वहीं गोरगी बांध टूट चुका है। इसके अलावा मुख्य मार्ग में करीब 10 फीट पानी बह रहा है। सैकड़ों परिवार घरों की छतों पर कैद हैं। लोहारिया गांव टापू बन चुका है। पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी ने जिला कलेक्टर से फोन पर बातचीत कर हवाई रेस्क्यू टीम बुलाने का आग्रह किया है।

Mandakini River flood लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और रामघाट सहित आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। स्थिति यह रही कि चित्रकूट की सड़कों पर भी नाव चलती नजर आई। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ। घाट किनारे स्थित कई दुकानों में बाढ़ का पानी घुस गया, जिससे दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

अचानक पानी बढ़ने के कारण स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भी चिंता का माहौल रहा। रामघाट के आसपास की गलियां और सड़कें पानी से लबालब हो गईं। बारिश का असर चित्रकूट के अन्य प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी देखने को मिला। आरोग्यधाम, गुप्तगोदावरी और सती अनुसुइया क्षेत्र में भी जलभराव की स्थिति बनी रही। कई रास्तों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ।

वहीं, श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण परिक्रमा मार्ग पर पुरानी लंका तिराहे के पास भी भारी जलभराव हो गया। लगातार बारिश के चलते चित्रकूट में जगह-जगह पानी ही पानी नजर आया। सड़कों पर जलभराव इतना अधिक रहा कि कई स्थानों पर नाव के सहारे आवागमन करना पड़ा। इससे बाढ़ की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

मानसून के दौरान चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से अक्सर निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना रहता है। इस बार भी भाद्रपद के शुरुआती दिन में हुई मूसलाधार बारिश ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की है।

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चित्रकूट में बाढ़ क्यों आई?

भाद्रपद मास के पहले दिन नौ घंटे की जोरदार बारिश से मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ गया।

सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र कौन सा है?

रामघाट और आसपास के इलाके।

गोरगी बांध का क्या हाल है?

बांध टूट गया है, जिससे पानी का बहाव बढ़ गया।