भोपाल: Meat Shop Closed शक्ति आराधना का महापर्व वासंतिक नवरात्र का शुभारंभ 30 मार्च से होगा। शास्त्रों में नवरात्र पर्व में मांस-मंदिरा सहित अन्य तामसिक भोजनों को वर्जित किया गया है। कई लोग इसका पालन भी करते हैं। ऐसे में अब मध्यप्रदेश में नवरात्र पर्व के दौरान मांस मटन की दुकानों की बंद रखने की मांग की जा रही है। राजधानी भोपाल में संस्कृति बचाओ मंच ने यह मांग की है। मंच ने कहा है कि नवरात्र के नौ दिन तक मीट दुकानों को पूरी तरह से बंद रख जाएं। इसके साथ ही महाष्टमी और रामनवमी पर शराब की दुकानों को भी बंद किया जाए।
Meat Shop Closed संगठन के पदाधिकारियों की मानें तो भोपाल में कई मंदिरों से कुछ दूर ही मीट दुकानें हैं। यही से श्रद्धालु गुजरते हैं। इस कारण उपवास में अशुद्धता का भाव उत्पन्न होता है। इसलिए दुकानों को पूर्णत: बंद किए जाने की मांग है। मंच ने भोपाल कलेक्टर को आवेदन सौंपनें की बात कही है। साथ ही यह भी कहा है कि वो अपनी मांगों को लेकर जल्द ही मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे।
बता दें कि शास्त्रों में कहा गया है कि नवरात्रि व्रत में किसी भी तरह के अनाज जैसे- गेहूं, चावल, दाल, ज्वार, बाजारा, सूजी, बेसन आदि का सेवन ना करें। इसके अलावा लहसुन-प्याज आदि गलती से भी ना खाएं। किसी भी व्रत में तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे शुद्धता-पवित्रता नष्ट होती है।
क्या नवरात्रि में मांस-मटन की दुकानों को बंद किया जा सकता है?
हां, संस्कृति बचाओ मंच ने नवरात्रि के दौरान मांस-मटन की दुकानों को बंद करने की मांग की है, ताकि श्रद्धालुओं को कोई अशुद्धता का अहसास न हो।
नवरात्रि में शराब की दुकानों को बंद करने की मांग क्यों की जा रही है?
नवरात्रि में तामसिक चीजों का सेवन वर्जित होता है, और शराब को भी तामसिक माना जाता है। इसलिए, महाष्टमी और रामनवमी पर शराब की दुकानों को बंद करने की मांग की जा रही है।
संस्कृति बचाओ मंच की मांगों का क्या असर हो सकता है?
अगर यह मांगें स्वीकार की जाती हैं, तो नवरात्रि के दौरान मांस-मटन की दुकानों और शराब की दुकानों को बंद किया जा सकता है, जिससे व्रति और श्रद्धालुओं को पवित्रता और शुद्धता का अहसास होगा।
नवरात्रि व्रत में किस प्रकार के भोजनों का सेवन वर्जित होता है?
नवरात्रि व्रत में तामसिक चीजों, जैसे मांस, प्याज, लहसुन और अनाज का सेवन वर्जित होता है।