भोपाल। Meenakshi Natarajan Nomination Controversy: मध्य प्रदेश में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद नया सियासी विवाद शुरू हो गया है। रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले से आहत कांग्रेस ने अपने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है। राजधानी भोपाल में पार्टी का धरना-प्रदर्शन और उपवास कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि अब लड़ाई सड़क से लेकर राष्ट्रपति भवन तक लड़ी जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है तथा इस लड़ाई में जनता का समर्थन मिलना चाहिए। चौधरी ने कहा कि पार्टी लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के प्रयासों के खिलाफ लगातार आवाज उठाती रहेगी।
Meenakshi Natarajan Nomination Controversy: वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आंदोलन की आगामी रणनीति की जानकारी देते हुए कहा कि शुक्रवार को कांग्रेस के सभी 62 विधायक राष्ट्रपति भवन जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है और उनके समक्ष पूरे घटनाक्रम को रखते हुए भाजपा का “वास्तविक चेहरा” उजागर करेगी। पटवारी ने बताया कि कांग्रेस विधायक विधानसभा में रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी लाएंगे। इसके साथ ही पार्टी राज्यभर में व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। कांग्रेस प्रत्येक जिले में कलेक्टर कार्यालय और भाजपा कार्यालय का घेराव करेगी। आंदोलन के लिए हर जिले में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि गुरुवार को प्रदेश के सभी ब्लॉक, पंचायत और मोहल्ला स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा मुख्यमंत्री निवास और भाजपा मुख्यालय के घेराव की भी तैयारी की जा रही है। कांग्रेस ने अगले आठ दिनों तक पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन चलाने का ऐलान किया है।
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