Meenakshi Natarajan Supreme Court: क्या पलट जाएगा पूरा फैसला? मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

Meenakshi Natarajan Supreme Court: क्या पलट जाएगा पूरा फैसला? मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

Meenakshi Natarajan Supreme Court: क्या पलट जाएगा पूरा फैसला? मीनाक्षी नटराजन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

Meenakshi Natarajan Supreme Court/Photo Credit: IBC24 File

Modified Date: June 12, 2026 / 01:06 pm IST
Published Date: June 12, 2026 9:42 am IST

Meenakshi Natarajan Supreme Court: मध्य प्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्‍मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मामले में आज शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होना है। कांग्रेस की ओर से दायर याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सबकी नजर लगी हुई हैं। इस बीच कांग्रेस के विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर मामले में हस्तक्षेप की मांग करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, इधर कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम को चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ा मुद्दा बता रही है। बता दें कि कल मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा था। कोर्ट ने सुनवाई टाल दी थी। अब याचिका पर आज सुनवाई होगी।

आपको बता दें कि कल मध्यप्रदेश राज्यसभा नामांकन का आखिरी दिन था और कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद विवेक तंखा, अभिषेक मनु सिंघवी ने मीनाक्षी नटराजन मामले में रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर जल्द सुनवाई की मांग की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कल सुनवाई टाल दिया और आज होने वाले फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हुई है।

निर्विरोध चुने गए तीनों सांसद

18 जून को 12 राज्यों की 26 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं, लेकिन मतदान से पहले ही मध्यप्रदेश में तस्वीर साफ हो चुकी है। निर्वाचन अधिकारी ने गुरूवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीनों उम्मीदवारों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। तीनों उम्मीदवार यहां मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचे और रिटर्निंग अधिकारी से जीत का प्रमाण पत्र हासिल किया। बाद में तीनों नेताओं ने मीडिया के समक्ष निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदर्शित किए। मध्य प्रदेश से कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को अपना उम्मीदवार बनाया था, लेकिन शपथपत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में उनका नामांकन निरस्त कर दिया गया था।

जानें पूरा मामला

Meenakshi Natarajan Supreme Court बता दें मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों पर चुनाव में मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया, जब शपथपत्र में जानकारी छुपाने के आरोप में कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया गया। राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के दौरान पाया गया कि नटराजन ने नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए फॉर्म-26 में अदालत में लंबित एक शिकायत का उल्लेख नहीं किया था। इस कारण उनका हलफनामा अधूरा माना गया।

 नेता प्रतिपक्ष ने उठाए थे सवाल

Meenakshi Natarajan Supreme Court इस बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग और रिटर्निंग ऑफिसर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने मामले पर समय रहते निर्णय नहीं लिया और रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों की अनदेखी करते हुए नामांकन रद्द किया। उमंग सिंघार ने कहा कि हमने तत्काल सुनवाई की मांग की थी, लेकिन शुक्रवार का समय दिया गया। उन्होंने कहा कि न्याय में इतनी देरी क्यों हो रही है? कई बार तो कोर्ट में रात-रात भर सुनवाई चली है। उन्होंने चुनाव आयोग को बीजेपी की कठपुतली बताया है, संवैधानिक संस्थाओं से बीजेपी रबर स्टाम्प की तरह काम करवा रही है। यह भी आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है और यदि चुनाव परिणाम जल्दबाजी में घोषित किए जाते हैं तो यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। कांग्रेस को उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में जल्द फैसला सुनाएगा।

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने पर कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए आरोप लगाया कि यह अब ‘वोट चोरी’ का मामला नहीं रहा, बल्कि ‘सीट चोरी’ का मामला बन गया है। साथ ही पार्टी ने इस प्रकरण को अदालत में चुनौती दी है। कांग्रेस नेताओं और विधायकों ने बुधवार को प्रदेशभर में भूख हड़ताल की और प्रदर्शन किया था।

जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस ने दिया था धरना

मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मामले में कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में राज्य की राजधानी भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर वरिष्ठ नेताओं और विधायकों ने धरना दिया।पटवारी ने कहा, इसी कारण भाजपा को आखिरकार संविधान को ताक पर रखकर हमारा नामांकन निरस्त करवाना पड़ा।

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की यही एकजुटता भविष्य में मध्यप्रदेश से भाजपा की विदाई का कारण बनेगी। पटवारी ने कहा, ‘‘मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में लोकतंत्र के साथ जो कुकृत्य किया है, उसे पूरा प्रदेश देख चुका है।’ उन्होंने मुख्यमंत्री को चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘मोहन यादव जी, अगली बार उज्जैन से चुनाव मत लड़िए, वरना जनता आपको विपक्ष में बैठाने के लिए भोपाल तक भी नहीं आने देगी।’’ पटवारी ने कहा कि भाजपा इस ‘‘कृत्य’’ के खिलाफ कांग्रेस अगले एक महीने तक सभी जिलों में भाजपा कार्यालयों का घेराव करेगी, भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेगी और दिल्ली में सभी विधायकों के साथ राष्ट्रपति भवन तक मार्च भी निकाला जाएगा। उन्होंने कहा, यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है।

राज्यसभा की तीन सीट के लिए हो रहे चुनाव में मंगलवार को उस समय नाटकीय मोड़ आ गया, जब शपथपत्र में जानकारी छिपाने के आरोप में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया गया। राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के दौरान पाया गया कि नटराजन ने नामांकन पत्र के साथ जमा किए गए फॉर्म-26 में अदालत में लंबित एक शिकायत का उल्लेख नहीं किया था। इस कारण उनका हलफनामा अधूरा माना गया।

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.