Mohan Cabinet ke Faisle: 18 स्वास्थ्य केंद्र निजी हाथों में, कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला, मेट्रो और विकास योजनाओं पर भी लगी मुहर, पढ़िए सभी फैसले

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Mohan Cabinet ke Faisle: मध्यप्रदेश में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक खत्म हो चुकी है। बैठक में अहम मुद्दों पर चर्चा की गई

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  • Publish Date - June 16, 2026 / 03:51 PM IST,
    Updated On - June 16, 2026 / 03:51 PM IST

Mohan Cabinet ke Faisle/Photo Credit: AI

HIGHLIGHTS
  • रीवा, देवास और गुना के 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र PPP मॉडल पर संचालित होंगे।
  • इंदौर मेट्रो परियोजना की लागत 7,500 करोड़ से बढ़कर 12,900 करोड़ रुपये हुई।
  • विभिन्न विभागों की योजनाओं की निरंतरता के लिए 24,200 करोड़ रुपये की मंजूरी।

Mohan Cabinet ke Faisle: मध्यप्रदेश में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक खत्म हो चुकी है। इस बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई .(Mohan Cabinet Decisions) साथ ही कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक संपन्न होने के बाद प्रदेश के MSME मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने फैसलों की जानकारी दी है। मंत्री कश्यप ने बताया कि सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई है। इस बैठक में लोकहित के कई अ​हम प्रस्तावों को मंजूरी दी है।

देखें बैठक में किन प्रस्तावों को मिली मंजूरी (Mohan Cabinet ke Faisle)

  • 21 जून अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस पर राज्यस्तरीय कार्यक्रम जबलपुर में आयोजित किया जाएगा। जिसमें राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू शामिल होंगी।
  • ट्रांसफर की अवधि एक दिन बढाई गई। आज रात 12 बजे तक ट्रांसफर होंगे।
  • इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की संशोधित लागत को मंजूरी दी गई। 7500 करोड़ किया गया था इसे बढा़कर 12,900 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया।
  • 24 हजार करोड़ की योजनाओं को निरंतरता के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई हैं।
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीवा देवास और गुना के 18 सामुदायिक केंद्रों को निजी केंद्रों की दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी दी गई हैं।
  • दवा और इन्फ्रास्ट्रक्चर राज्य सरकार का होगा।
  • कई महत्वपूर्ण योजनाओं की निरंतरता के लिए 24200 करोड़ स्वीकृति दी गई .
  • वन विभाग के टाइगर प्रोजेक्ट, श्रम विभाग की कल्याणकारी योजना, शैक्षणिक सुविधा, कुटीर ग्राम उद्योग में रेशम का उत्पादन समेत कई दूसरी योजनाओं को निरंतरता की मंजूरी दी।

मोहन सरकार का बड़ा ऐलान

इसके अलावा बैठक में सीएम मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। अब सरकारी अस्पातालों का निजीकरण होगा। इसके अलावा रीवा, देवास समेत तीन जिलों के 18 सामुदायिक केंद्रों को निजी तौर पर संचालन करने दिया जा रहा है। इन सामुदायिक केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है।

पायलट प्रोजेक्ट के लिए स्वीकृति

PPP मोड़ की शर्तों के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टर और सुविधाएं मुहैया करानी पड़ेगी। स्वास्थ्य प्रोत्साहन नीति को मंजूरी मिली। कल्याणकारी संस्था कोई हॉस्पिटल खोलना चाहते हैं। सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी। उपकरणों के लिए पूंजीगत अनुदान भी दिया जाएगा। पांच मंत्रियों की कमेटी इसके सभी मापदंड निर्धारित करेगी।

2030-2031 तक इंदौर की मेट्रो का पूरी तरीके से होगा संचालन

साल 2017 में 7500 करोड़ का आंकलन किया गया। अंडरग्राउंड समेत कई जन सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए लागत में वृद्धि हुई। 5388 करोड़ की अतिरिक्त राशि की स्वीकृति की। इंदौर की 31 किलोमीटर की मेट्रो 2030, 31 तक पूरी तरीके से संचालित होगी।

 

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PPP मॉडल पर कितने स्वास्थ्य केंद्र संचालित किए जाएंगे?

रीवा, देवास और गुना जिले के कुल 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र PPP मॉडल पर संचालित किए जाएंगे।

क्या स्वास्थ्य केंद्रों का पूरा नियंत्रण निजी कंपनियों को दिया जाएगा?

नहीं, दवाइयों और बुनियादी ढांचे की जिम्मेदारी राज्य सरकार के पास रहेगी, जबकि संचालन में निजी भागीदारी होगी।

इंदौर मेट्रो की नई लागत कितनी तय की गई है?

इंदौर मेट्रो परियोजना की संशोधित लागत 12,900 करोड़ रुपये तय की गई है।

इंदौर मेट्रो का पूर्ण संचालन कब तक शुरू होगा?

सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030-31 तक इंदौर मेट्रो का पूर्ण संचालन शुरू करना है।

कैबिनेट ने विकास योजनाओं के लिए कितनी राशि मंजूर की है?

राज्य सरकार ने विभिन्न योजनाओं की निरंतरता के लिए करीब 24,200 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।