Hirakud Dam 22 Gates Open | Photo Credit: AI
भुवनेश्वर: Hirakud Dam 22 Gates Open छत्तीसगढ़ से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद हीराकुड बांध के 22 फाटक खोलकर (Hirakud Dam Opens 22 Gates) महानदी में अतिरिक्त पानी छोड़े जाने (Mahanadi River Flood) के कारण ओडिशा सरकार ने शुक्रवार को निचले इलाकों के 10 जिलों के लिए ‘हाई अलर्ट’ जारी (Odisha High Alert) किया। इस बीच, राज्य में बाढ़ की स्थिति से 8.34 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। अधिकारियों ने दिन के दौरान तीन चरणों में 20 और गेट खोले, जिससे खोले गए फाटकों की संख्या 22 हो गई। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार तक सिर्फ दो गेट ही खोले गए थे।
Hirakud Dam 22 Gates Open अधिकारियों के मुताबिक, अभी बांध में लगभग 4.22 लाख क्यूसेक पानी आ रहा है और लगभग 3.89 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि पानी का स्तर 625.15 फुट तक पहुंचने के बाद पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ा दी गई; यह स्तर जलाशय की 630 फुट की पूर्ण क्षमता के करीब है। अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से महानदी और उसकी सहायक नदियों-दया, भार्गवी, कुआखाई, चित्रोत्पला और लूना में जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिससे नये क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) राजेश प्रभाकर पाटिल ने अंगुल, बौध, संबलपुर, सुवर्णपुर, कटक, नयागढ़, खुर्दा, पुरी, जगतसिंहपुर और केंद्रापड़ा जिलों के जिलाधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने और सभी एहतियाती उपाय करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, कटक के पास मुंडली से पहले ही आठ लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा चुका है, जिससे महानदी में मध्यम स्तर की बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। हीराकुंड बांध से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के अगले 36 से 40 घंटे में कटक पहुंचने की संभावना है।
एसआरसी ने जिला प्रशासनों को निर्देश दिया है कि वे नदी तटों और तटबंधों पर 24 घंटे नजर रखें, खासकर रात के समय में। साथ ही सभी विभागों के बीच समन्वय बनाए रखें, संवेदनशील तटबंधों पर कटाव या टूटने की आशंका पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाएं। प्रशासन ने नदी के पाट, रेतीले टापुओं, घाटों और निचले द्वीपों में आम लोगों के प्रवेश पर भी रोक लगा दी है। बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने वाले राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से भारी जल प्रवाह के कारण हीराकुड बांध के गेट खोले गए हैं।
उन्होंने कहा कि कटक, पुरी, खुर्दा और जगतसिंहपुर जिलों के कुछ इलाके जलमग्न हो गए हैं और लोगों की परेशानियां कम करने के लिए सभी तैयारियां की जा रही हैं। पुजारी ने कहा कि राज्य उत्तरी और तटीय क्षेत्रों में 520 राहत केंद्र संचालित कर रहा है, जहां लगभग तीन लाख लोगों के लिए तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि अब तक लगभग 2.67 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है। विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल ने कहा कि एनडीआरएफ, ओडीआरएएफ और अग्निशमन सेवाओं की 136 बचाव टीम विभिन्न जिलों में तैनात की गई हैं। उन्होंने कहा कि 20 प्रभावित जिलों में सरकारी कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और तटों एवं तटबंधों पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है।