शह मात The Big Debate/Image Credit: MP DPR
शह मात The Big Debate: भोपाल: एमपी की राजधानी भोपाल की ये तस्वीरें तो सिर्फ बानगी हैं कि- कैसे किसी भी शहर में बिल्डर, प्रशासन की मिली भगत से अवैध कब्ज़ा करके कॉलोनी डेवलप कर लेते हैं। वैसे ये तस्वीर भोपाल के खानू गांव की है, जहां तालाब और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करके पूरी बसाहट तैयार कर दी गई, लेकिन ये कहानी एमपी के लगभग हर जिले की है। जहां अतिक्रमण, अवैध प्लॉटिंग के जरिए अवैध कालोनियां बसा दी गईं और ये सिलसिला जारी है। हैरत ये कि इन्हें बाकायदा निर्माण की अनुमति भी स्थानीय निकाय से मिल जाती है। (शह मात The Big Debate) बाद में बुनियादी सुविधाएं न मिलने पर लोग परेशान होते हैं, और बिल्डर पल्ला झाड़ लेते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़, एमपी में तकरीबन दस हज़ार से ज्यादा चिन्हित अवैध कालोनियां हैं। अब इस पर रोक लगाने की तैयारी है। सीधी विधायक रीति पाठक के विधानसभा में पूछे सवाल के जवाब में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने तीन महीने के अंदर कड़ा कानून लाने का दावा किया। बीजेपी के तमाम नेता अवैध कॉलोनियों के खिलाफ लामबंद हैं।
जहां सरकार कठोर कानून लाने और एक्शन की तैयारी में है तो, कांग्रेस आरोप लगा रही है कि ये सब सरकार के संरक्षण में हो रहा है, ताकि बीजेपी से जुड़े बिल्डर्स को फायदा मिले।
शह मात The Big Debate: अवैध कॉलोनियों को लेकर एमपी में छिड़ी सियासी रार के बीच (शह मात The Big Debate) सवाल ये है कि – CAG के कई बार सवाल उठाने के बावजूद कोई कठोर कार्यवाही क्यों नहीं की गई? सवाल ये भी कि- क्या 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान शिवराज ने कॉलोनियों को चुनावी फायदे के लिए वैध करने की घोषणा की थी? सबसे बड़ा सवाल ये कि- 7 साल की सजा और जुर्माने के कठोर कानून के बावजूद- बिल्डर्स बेखौफ क्यों हैं? आखिर सरकार की नाक के नीचे माफिया कैसे अवैध कॉलोनियां बनाते चले जा रहे हैं?
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