Mohan Yadav Cabinet: यूसीसी समेत कई बड़े प्रस्तावों पर मोहन कैबिनेट ने लगाई मुहर, यहां एक क्लिक में पढ़िए सभी फैसले

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Mohan Yadav Cabinet: यूसीसी समेत कई बड़े प्रस्तावों पर मोहन कैबिनेट ने लगाई मुहर, यहां एक क्लिक में पढ़िए सभी फैसले

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 01:15 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 02:28 PM IST

Mohan Yadav Cabinet: यूसीसी समेत कई बड़े प्रस्तावों पर मोहन कैबिनेट ने लगाई मुहर, यहां एक क्लिक में पढ़िए सभी फैसले /image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • मध्यप्रदेश कैबिनेट ने UCC 2026 को दी मंजूरी
  • शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, Live-in के लिए भी 1 महीने में पंजीयन जरूरी
  • 71 अस्पतालों के उन्नयन और Ease of Doing Business Act को भी मंजूरी

भोपाल। Mohan Yadav Cabinet: मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आज जगदीशपुर में आयोजित कैबिनेट की संपन्न हो गई है। इस बैठक में सभी मंत्री और उनके विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक (Mohan Cabinet Decisions) में समान नागरिक संहिता 2026 (यूसीसी) समेत अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। बैठक के बाद CM मोहन यादव फैसलों की जानकारी दे रहें है।

सीएम ने कहा कि जब परमात्मा और प्रकृति किसी के साथ भेदभाव नहीं करती है तो कानून अलग अलग क्यों हो? हम ऐसा कानून लाएंगे जिसमें राम रहीम, रविंदर और रॉबिन सब एक समान हो।

इसी तरह से केवल तलाक कहने से तलाक नहीं होगा, बल्कि कानून का पालन करना होगा। लिव इन के लिए अब एक महीने के अंदर आपको रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उत्तराधिकार का हिस्सा अब महिला पुरुष को समान होगा। शादी का पंजीयन सभी को कराना होगा। इसके साथ ही विवाहित व्यक्ति अगर लिव इन संबंध रखता है तो उसे पांच साल की सजा का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही सीएम ने बताया कि 71 हॉस्पिटल के उन्नयन का निर्णय भी लिया गया है। इज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम को आज हरी झंडी मिली है। जनजाति समाज को इस कानून से बाहर रखा गया है।

 

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MP कैबिनेट ने किस बड़े कानून को मंजूरी दी है?

मध्यप्रदेश कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता (UCC) 2026 के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

क्या शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा?

हां, UCC के तहत सभी विवाहों का पंजीयन अनिवार्य किया जाएगा।

Live-in Relationship को लेकर क्या नया नियम है?

Live-in में रहने वाले जोड़ों को एक महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

क्या विवाहित व्यक्ति के Live-in में रहने पर सजा होगी?

प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, विवाहित व्यक्ति के Live-in संबंध रखने पर 5 साल तक की सजा का प्रावधान है।

क्या यह कानून सभी पर लागू होगा?

सरकार के अनुसार, जनजातीय समुदाय को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।