अलीगढ़ (उप्र), 19 जुलाई (भाषा) मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की इमारतों को ध्वस्त करने के रामपुर विकास प्राधिकरण के आदेश के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर में रविवार को छात्रों के एक समूह ने पदयात्रा निकाली।
प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए और एएमयू के एक वरिष्ठ अधिकारी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम ज्ञापन सौंपकर उनसे मामले में हस्तक्षेप करने तथा इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश तत्काल रद्द कराने की मांग की।
रामपुर विकास प्राधिकरण ने हाल में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को बिना मंजूरी के निर्मित बताते हुए उन्हें ध्वस्त करने का आदेश दिया था।
लांकि, जौहर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए कहा है कि इन इमारतों का निर्माण उस समय हुआ था, जब यह क्षेत्र रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं था।
एमयू में प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने ज्ञापन में कहा कि राज्य सरकार का यह कदम छात्रों, खासकर समाज के पिछड़े वर्गों से आने वाले विद्यार्थियों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय की इमारतें ढहाए जाने से वहां पढ़ रहे सैकड़ों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाए जाने के तरीके की भी कड़ी निंदा की और दिल्ली में जारी विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।
भाषा सं. सलीम सिम्मी
सिम्मी