MP Analog Paneer Ban: छत्तीसगढ़ के बाद अब इस राज्य में भी एनालॉग पनीर बैन, सीएम का बड़ा फैसला, बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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MP Analog Paneer Ban: छत्तीसगढ़ के बाद अब इस राज्य में भी एनालॉग पनीर बैन, सीएम का बड़ा फैसला, बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

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  • Publish Date - August 12, 2026 / 03:57 PM IST,
    Updated On - August 12, 2026 / 03:57 PM IST

MP Analog Paneer Ban: छत्तीसगढ़ के बाद अब इस राज्य में भी एनालॉग पनीर बैन, सीएम का बड़ा फैसला, बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई /image: Social Media

HIGHLIGHTS
  • मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने का फैसला, जल्द जारी होगा आदेश।
  • सरकार को पड़ोसी राज्यों से एनालॉग पनीर की डंपिंग बढ़ने की आशंका है
  • बैन के बाद बिक्री जारी रखने पर उत्पाद जब्त कर नष्ट किए जाएंगे और कानूनी कार्रवाई होगी

भोपाल। MP Analog Paneer Ban: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने एनालॉग पनीर (Analog Paneer) को हतोत्साहित करने और उस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य प्राकृतिक रूप से उत्पादित डेयरी उत्पादों की शुद्धता के आधार पर अपनी पहचान बनाएगा।

सीएम यादव ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “हमने मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर (Analog Paneer) को हतोत्साहित करने और उस पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अन्य राज्यों की स्थिति को देखते हुए, हम प्राकृतिक रूप से उत्पादित डेयरी उत्पादों की शुद्धता के आधार पर अपने राज्य की पहचान बनाना चाहते हैं। जहां हम दूध उत्पादन बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, वहीं हम ऐसी किसी भी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देंगे।”

MP Analog Paneer Ban इस बीच, राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि यह निर्णय इसलिए भी लिया गया क्योंकि गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे पड़ोसी राज्यों द्वारा एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाने के बाद इसके मध्य प्रदेश में डंप किए जाने की आशंका थी।

जल्द जारी किया जाएगा आदेश (Madhya Pradesh Paneer Ban)

पटेल ने बताया, “हमारे पड़ोसी राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ ने एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब, ऐसी संभावना है कि मध्य प्रदेश में इसकी डंपिंग बढ़ सकती है। एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री के संबंध में FSSAI के निर्देश हैं, लेकिन उनका ठीक से पालन नहीं किया जाता है। नतीजतन, एनालॉग पनीर बनाने के लिए अनुपयुक्त और अखाद्य खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जाता है, जो हमारे नागरिकों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। इसलिए, हम भी मध्य प्रदेश में इस पर प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं और इसका आदेश जल्द ही जारी किया जाएगा।”

बेचने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई (Analog Paneer Ban New)

उन्होंने एनालॉग पनीर के निर्माण या बिक्री में शामिल लोगों से इस काम को रोकने का आग्रह किया; अन्यथा, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने कहा, “मैं ऐसी गतिविधियों में शामिल सभी लोगों से एनालॉग पनीर का निर्माण और बिक्री बंद करने की अपील करता हूं। आदेश जारी होने के तुरंत बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि राज्य का खाद्य विभाग (MP Food Department) सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में शुरू किए गए ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान के तहत लगातार प्रवर्तन कार्रवाई कर रहा है।

रक्षा बंधन जैसे प्रमुख त्योहारों के नजदीक आने के साथ, मंत्री ने कहा कि विभाग मिलावटी मावा और अन्य खाद्य उत्पादों पर कड़ी नजर रख रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लोगों को शुद्ध और सुरक्षित भोजन मिल सके। जब पटेल से उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछा गया जो बैन लागू होने के बाद भी एनालॉग पनीर (MP Analog Paneer Ban) बेचते रहेंगे, तो उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोडक्ट्स को ज़ब्त करके नष्ट कर दिया जाएगा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर बैन क्यों लगाया जा रहा है?

सरकार के अनुसार, इसके निर्माण में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन होने की आशंका है और पड़ोसी राज्यों से इसकी डंपिंग बढ़ सकती है।

एनालॉग पनीर क्या होता है?

एनालॉग पनीर ऐसा पनीर-जैसा उत्पाद है, जिसमें पारंपरिक दूध से बने पनीर के बजाय अन्य वसा या खाद्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

MP में एनालॉग पनीर पर बैन कब से लागू होगा?

सरकार ने फैसला लिया है और संबंधित आदेश जल्द जारी होने की बात कही गई है।

बैन के बाद एनालॉग पनीर बेचने पर क्या होगा?

मंत्री के अनुसार, उत्पाद जब्त कर नष्ट किए जाएंगे और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या मध्य प्रदेश में असली पनीर की बिक्री जारी रहेगी?

हां, सरकार प्राकृतिक रूप से उत्पादित और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप डेयरी उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कह रही है।