मुंबई, 12 अगस्त (भाषा) त्योहारी मौसम के दौरान बढ़ी मांग को पूरा करने के लिए कंपनियां गोदाम, स्टोर और डिलिवरी से जुड़े विशेष कौशल वाले पदों पर नियुक्तियां बढ़ा रही हैं। इसके कारण इस साल अस्थायी नियुक्तियों में 15-20 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
टीमलीज सर्विसेज की ‘फेस्टिव सीजन वर्कफोर्स रिपोर्ट-2026’ के अनुसार, इस त्योहारी मौसम में संगठित खुदरा, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, लॉजिस्टिक, रोजमर्रा के उपभोग का सामान (एफएमसीजी) और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्रों में कंपनियां पिछले वर्ष की तुलना में अधिक कर्मचारियों की भर्ती करेंगी।
रिपोर्ट कहती है कि कंपनियां अब केवल बड़ी संख्या में कर्मचारियों की भर्ती करने के बजाय गोदाम, स्टोर और ऑर्डर आपूर्ति से जुड़े विशेष कौशल वाले कर्मचारियों की नियुक्ति पर अधिक जोर दे रही हैं। इसकी वजह लंबा त्योहारी सीजन, ऑर्डर की तेजी से आपूर्ति की बढ़ती अपेक्षाएं और विभिन्न माध्यमों से खरीदारी करने वाले ग्राहकों की संख्या में वृद्धि है।
यह रिपोर्ट टिकाऊ उपभोक्ता सामान, संगठित खुदरा, ई-कॉमर्स, त्वरित वाणिज्य, लॉजिस्टिक और एफएमसीजी क्षेत्रों में त्योहारी मौसम के दौरान तैनात 60,000 ‘फ्रंटलाइन’ कर्मचारियों के रोजगार रिकॉर्ड तथा टीमलीज के आंतरिक कार्यबल आंकड़ों के विश्लेषण पर आधारित है।
रिपोर्ट के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस से लेकर दीपावली और वर्षांत अवकाश तक बिक्री का दौर लंबा होने से कंपनियां अब अल्पकालिक मांग पूरी करने के बजाय पूरे त्योहारी मौसम के दौरान लगातार काम संभालने में सक्षम कार्यबल तैयार कर रही हैं।
टीमलीज सर्विसेज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बालासुब्रमण्यम ए ने कहा, ‘‘त्योहारी मौसम में भर्ती अब केवल संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि जरूरत के अनुरूप सटीक भर्ती पर जोर दिया जा रहा है। कंपनियां गति, उत्पादकता और ग्राहक अनुभव को समान महत्व दे रही हैं, जिससे विशेष परिचालन वाले पदों की मांग बढ़ी है। ई-कॉमर्स, खुदरा, लॉजिस्टिक और फटाफट सामान पहुंचाने यानी त्वरित वाणिज्य क्षेत्रों की मजबूत मांग के कारण हमें उम्मीद है कि अस्थायी नियुक्तियां पिछले वर्ष की तरह 15-20 प्रतिशत बढ़ेंगी।’
उन्होंने कहा कि कंपनियां त्योहारी मौसम के दौरान सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों को दिए जाने वाले प्रोत्साहन, उनकी नियुक्ति की ऑनलाइन प्रक्रिया और प्रशिक्षण पर अधिक निवेश कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही में इस तरह के कर्मचारियों के वेतन में आठ से 10 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। हालांकि, श्रम कानूनों में बदलाव के कारण कर्मचारियों के हाथ में आने वाला वास्तविक वेतन पांच से आठ प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।
भाषा योगेश अजय
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