MP Assembly Special Session: महिला आरक्षण पर MP विधानसभा में तीखीं बहस! कांग्रेस MLA ने सरकार पर दागे ये सवाल, मंत्री निर्मला भूरिया बोलीं- ये नहीं चाहते कि…

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महिला आरक्षण पर MP विधानसभा में तीखीं बहस! कांग्रेस MLA ने सरकार पर दागे ये सवाल, MP Assembly Special Session: Debate between BJP and Congress

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 06:37 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 12:46 AM IST

भोपाल। MP Assembly Special Session ‘नारी शक्ति वंदन’ विषय पर चर्चा के लिए सोमवार को मध्यप्रदेश विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है। इस अहम विषय को लेकर सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा हुआ। चर्चा में हिस्सा लेते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” देश के लोकतांत्रिक इतिहास में आधी आबादी को सशक्त करने की एक महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस ऐतिहासिक कदम की आधारशिला रखी गई है, जिसका उद्देश्य राजनीति में महिलाओं की 33 फीसदी भागीदारी सुनिश्चित करना है। मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस बिल को लोकसभा में लेकर आई, लेकिन कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इसे पारित नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष नहीं चाहता कि महिलाएं नीति निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

वहीं, कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने सत्ता पक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के समर्थन में रही है। उन्होंने याद दिलाया कि देश को पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी कांग्रेस ने ही दी और पंचायती राज संस्थाओं में 33 फीसदी महिला आरक्षण भी कांग्रेस की ही देन है। कटारे ने आरोप लगाया कि उस समय भाजपा ने इस पहल का विरोध किया था। कटारे ने राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष का पद खाली होने का मुद्दा भी उठाया और कहा कि आयोग में करीब 30 हजार शिकायतें लंबित हैं। उन्होंने सरकार से इस पर जवाब देने की मांग की और सवाल किया कि क्या यही सरकार की महिला हितैषी नीति है।

50 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा करें सरकार (MP Assembly Special Session)

MP Assembly Special Session उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नारी शक्ति वंदन बिल महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर केवल परिसीमन के उद्देश्य से लाया गया था। कटारे ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के प्रति संवेदनशील है, तो मौजूदा स्थिति में ही इस बिल को पारित कर जल्द लागू किया जाना चाहिए। कांग्रेस विधायक ने मांग की कि एक-तिहाई महिला आरक्षण को जल्द से जल्द लागू किया जाए और साथ ही सभी शासकीय नौकरियों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने की घोषणा भी सरकार करें।

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