भोपाल, 22 सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक रामेश्वर शर्मा की गरबा उत्सवों में मुसलमानों के प्रवेश को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद खड़ा हो गया है।
कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने शर्मा की टिप्पणी की आलोचना की है।
भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से विधायक शर्मा ने सोमवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, “मुस्लिम युवक गरबा में अकेले क्यों आते हैं? उन्हें अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो वे आ सकते हैं और इसके लिए उन्हें गरबा में ‘‘जय श्री राम’’ का नारा तथा माथे पर तिलक लगाना होगा।
शर्मा ने कहा, ‘‘इससे किसी को परेशानी नहीं होगी। अकेले लड़के ही क्यों आना चाहते हैं। घर से अपनी बहन-बेटियों को भी लेकर आओ।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरिफ मसूद ने शर्मा की टिप्पणी को ‘‘बेहद आपत्तिजनक’’ बताते हुए उनसे इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की।
मसूद ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘पहली बात तो गरबे से मुसलमानों का ताल्लुक नहीं है। न उनका कोई लेना-देना है। दूसरी बात, जिस भाषा का प्रयोग रामेश्वर शर्मा कर रहे हैं, मैं उनसे कहूंगा कि सुधर जाएं। बदतमीजी मत करें। अति हो रही है।’’
उन्होंने शर्मा पर सांप्रदायिक उन्माद फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा विधायक अक्सर नफरत की बात करते हैं।
मसूद ने कहा, ‘‘इसलिए लोग उन्हें ‘नफरती चिंटू’ कहते हैं।’’
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने भी शर्मा के बयान की निंदा की।
उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में शर्मा पर इस तरह के बयानों के जरिए समाज को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
उन्होंने भाजपा विधायक को संविधान पढ़ने की सलाह दी और कहा कि ऐसे बयान देने से पहले उन्हें मुख्तार अब्बास नकवी और शाहनवाज हुसैन जैसे पार्टी नेताओं की राय लेनी चाहिए।
शर्मा ने विवाद के बाद मंगलवार को कहा कि वह अपनी बात पर कायम हैं और कभी भी अपने बयान से पीछे नहीं हटते।
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा कि गरबा सनातन समाज का महापर्व है और मां जगदम्बा की आराधना एवं प्रार्थना का पर्व है, जिसमें सनातन हिंदू समाज पूरे परिवार के साथ शामिल होता है।
विधायक ने कहा, ‘‘यह मनोरंजन नहीं है। मुसलमानों को इतना ही सनातन से प्रेम और लगाव हो गया है तो मेहरबानी करके अकेले मत आइए। अपनी बहन-बेटियों, मम्मी-पापा को लेकर आइए।’’
भाषा ब्रजेन्द्र जितेंद्र नरेश
नरेश