नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) सरकार द्वारा अपने बफर स्टॉक से 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर प्याज बेचने के उपायों के बावजूद, मंगलवार को महानगरों के खुदरा बाजारों में प्याज की कीमतें ऊंची बनी रहीं। बड़े शहरों में प्याज का खुदरा भाव 53 रुपये से 60 रुपये प्रति किलो के बीच बना हुआ है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, महानगरों में दिल्ली में प्याज 53 रुपये प्रति किलो, मुंबई में 58 रुपये प्रति किलो से थोड़ा कम, कोलकाता और चेन्नई में 60 रुपये प्रति किलो के भाव बिक रहा है।
कीमतों को काबू में करने के लिए केंद्र के दखल के बावजूद प्याज की खुदरा कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।
22 सितंबर को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत 54.2 रुपये प्रति किलो थी। अधिकतम कीमत 100 रुपये प्रति किलो दर्ज की गई, जबकि न्यूनतम कीमत 29 रुपये प्रति किलो थी।
हालांकि, निजी व्यापार आंकड़ों से पता चला कि खुदरा कीमतें मंत्रालय के आंकड़ों की तुलना में काफी ज्यादा थीं।
उदाहरण के लिए, दिल्ली में गुणवत्ता और इलाके के आधार पर प्याज 60-70 रुपये प्रति किलो के दायरे में बिका, जबकि मंत्रालय ने राजधानी के लिए 53 रुपये प्रति किलो की दर बताई थी।
सरकार दिल्ली और देश भर के 50 से ज्यादा अन्य शहरों में 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर बफर स्टॉक बेचकर घरेलू आपूर्ति को बढ़ा रही है।
केंद्र ने अपनी नोडल एजेंसियों एनसीसीएफ और नाफेड के जरिये 2026 के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक रखा हुआ है। कीमतें कम करने के लिए ये एजेंसियां स्टोर किए गए प्याज को बड़ी मात्रा में उत्पादक राज्यों से खपत वाले केंद्रों तक पहुंचा रही हैं। कुछ प्याज ‘‘कांदा एक्सप्रेस’’ से कुछ सड़क मार्ग से भेजा जा रहा है।
इस योजना के तहत, चुनिंदा कीमत-संवेदनशील शहरों में प्याज 35 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर बेचा जा रहा है।
भाषा राजेश राजेश अजय
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