Gadarwara Kherapati Mata Mandir : मजहब अलग पर रास्ता एक! इस शहर की गंगा-जमुनी तहजीब ने जीता सबका दिल, एक ही सीढ़ी से होकर मंदिर और दरगाह जाते हैं लोग

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Narsinghpur के गाडरवारा क्षेत्र में एक ऐसा धार्मिक स्थल है जहाँ मंदिर और दरगाह एक ही परिसर में स्थित हैं और दोनों तक पहुँचने के लिए एक ही सीढ़ियों का रास्ता इस्तेमाल होता है।

  • Reported By: Pavan Kaurav

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  • Publish Date - March 24, 2026 / 03:54 PM IST,
    Updated On - March 24, 2026 / 03:54 PM IST

Gadarwara Kherapati Mata Mandir / Image Source : Screengrab

HIGHLIGHTS
  • Gadarwara में मंदिर और दरगाह एक ही परिसर में स्थित।
  • दोनों धार्मिक स्थलों तक जाने के लिए एक ही सीढ़ी का रास्ता।
  • सदियों से कायम है यहां आस्था और भाईचारे की मिसाल।

नरसिंहपुर : Khairapati Mata temple Gadarwara  मंदिर और मस्जिद के नाम पर दंगों की खबरें तो आपने कई बार सुनी होंगी, लेकिन मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो नफरत नहीं बल्कि मोहब्बत और भाईचारे की मिसाल है। यहाँ धर्म अलग हैं, लेकिन रास्ता एक है। यहाँ मंदिर और दरगाह में जाने के लिए एक ही सीढ़ी का इस्तेमाल होता है।

एक ही परिसर में स्थित हैं मंदिर और दरगाह

दरअसल, गाडरवारा के प्रसिद्ध प्राचीन खेरापति माता मंदिर के ठीक बाजू में स्थित है चांदसा बली की दरगाह। Gadarwara Kherapati Mata Mandir मंदिर और दरगाह दोनों ही करीब 400 साल पुराने हैं। मान्यता है कि खेरापति माता और चांदसा बली का रिश्ता भाई-बहन का है, यही वजह है कि दोनों धार्मिक स्थल एक साथ, एक ही परिसर में मौजूद हैं।

एक ही सीढ़ियों से होकर जाते हैं मंदिर और दरगाह

यहाँ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि मंदिर और दरगाह में जाने का रास्ता अलग-अलग नहीं, बल्कि एक ही सीढ़ियों से होकर गुजरता है। हिंदू श्रद्धालु जहाँ माता के दर्शन के लिए आते हैं, वहीं दरगाह में भी माथा टेकते हैं। वहीं मुस्लिम श्रद्धालु दरगाह में चादर चढ़ाने के साथ-साथ मंदिर में भी झंडा चढ़ाते हैं।

यह नज़ारा सिर्फ आस्था का नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द का जीता-जागता उदाहरण है। Chandsa Bali Dargah Gadarwara मंदिर और दरगाह, दोनों ही धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालु अपनी-अपनी मिन्नतें लेकर यहाँ पहुँचते हैं। ऐसा माना जाता है कि उनकी मुरादें दोनों ही जगहों पर पूरी होती हैं। इसी वजह से ये दोनों स्थान प्राचीन समय से ही आस्था का केंद्र बने हुए हैं।

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यह स्थान कहाँ है?

गाडरवारा, नरसिंहपुर में।

क्या खास है यहाँ?

मंदिर और दरगाह एक ही परिसर में हैं।

. लोग दोनों जगह जाते हैं?