चढ़ावा ‘चोरी’ मामला:कांग्रेस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की

चढ़ावा ‘चोरी’ मामला:कांग्रेस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की

चढ़ावा ‘चोरी’ मामला:कांग्रेस ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग की
Modified Date: July 11, 2026 / 07:53 pm IST
Published Date: July 11, 2026 7:53 pm IST

भोपाल, 11 जुलाई (भाषा) कांग्रेस ने शनिवार को अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने, संतों को शामिल कर नये ट्रस्ट का गठन करने तथा उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग की।

पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भगवान राम के नाम का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया और अब वह राम मंदिर से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं को छिपा रही है।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भंग करने की मांग करते हैं। इस मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में कराई जानी चाहिए।’’

उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2020 में एक चार्टर्ड अकाउंटेंसी फर्म और भारतीय स्टेट बैंक ने ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कुछ मुद्दों की ओर ध्यान दिलाया था, लेकिन उन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

लोंढे ने आरोप लगाया, ‘‘सिंधी समाज के लोगों द्वारा दान की गई 200 चांदी की ईंटों और चढ़ावे के रूप में प्राप्त धनराशि का स्पष्ट हिसाब नहीं है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में जिन लोगों के नाम थे, उनमें से कुछ को अंतिम रिपोर्ट से हटा दिया गया, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।’’

उन्होंने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को इस जांच पर भरोसा नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के गठन और इसके सदस्यों के चयन में केंद्र सरकार की भूमिका रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए।’’

मध्यप्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने धर्म और आस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया है।

कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि नये ट्रस्ट में शंकराचार्यों, धार्मिक नेताओं, संतों और विभिन्न धार्मिक परंपराओं के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए।

पार्टी ने कथित वित्तीय अनियमितताओं के दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की भी मांग की।

भाषा सं दिमो

संतोष

संतोष


लेखक के बारे में