इंदौर, दो जुलाई (भाषा) मेघालय में 2025 में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करने की आरोपी सोनम रघुवंशी को जमानत दिए जाने के खिलाफ राज्य सरकार के बृहस्पतिवार को उच्चतम न्यायालय का रुख करने का मृतक के परिवार ने स्वागत किया।
राजा के परिवार ने आशंका जताई कि जमानत पर लंबे समय तक बाहर रहने के दौरान सोनम सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकती है या फरार हो सकती है।
राजा के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने इंदौर में ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा,“हम सोनम की जमानत के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मेघालय सरकार को धन्यवाद देते हैं।”
उन्होंने आशंका जताई कि लंबे वक्त तक जमानत पर बाहर रहने के दौरान सोनम सबूतों को नष्ट कर सकती है और गवाहों को प्रभावित कर सकती है।
विपिन ने कहा, “हमें यह डर भी है कि जमानत पर छूटने के बाद इन दिनों शिलांग में रह रही सोनम अचानक फरार हो सकती है।”
उच्चतम न्यायालय में सोनम की जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है।
विपिन ने कहा, “हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। हमें उम्मीद है कि सच की जीत होगी।”
मेघालय उच्च न्यायालय ने 29 जून को राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें सोनम को निचली अदालत की ओर से 27 अप्रैल को दी गई जमानत को रद्द करने का अनुरोध किया गया था।
उच्च न्यायालय ने सोनम को उसकी गिरफ्तारी के आधार बताने की प्रक्रिया में पुलिस की गंभीर त्रुटियों का जिक्र किया था और आरोपी को जमानत देने का निचली अदालत का आदेश बरकरार रखा था।
राजा की हत्या में शामिल होने के आरोप में सोनम को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से नौ जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था। वह जमानत मिलने से पहले 10 महीने से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में शिलांग के जिला कारागार में बंद थी।
राजा का परिवार इंदौर में ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा हुआ है। राजा और सोनम 2025 में हनीमून के दौरान मेघालय में लापता हो गए थे। बाद में ईस्ट खासी हिल्स जिले के सोहरा क्षेत्र (चेरापूंजी) में एक झरने के पास गहरी खाई में राजा का शव मिला था।
मेघालय पुलिस ने आरोप लगाया है कि सोनम ने अपने ‘प्रेमी’ राज कुशवाह और भाड़े के तीन हत्यारों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी, ताकि उसे रास्ते से हटाया जा सके।
भाषा
हर्ष पारुल
पारुल