Pushkar Singh Dhami News: AI की मदद से बाढ़ आपदा से बचाव!.. CM पुष्कर सिंह धामी ने की प्री-मानसून मॉक ड्रिल की समीक्षा.. तकनीकों के इस्तेमाल पर दिया जोर..

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Pushkar Singh Dhami reviewe Meeting: उत्तराखंड में मानसून से पहले आपदा तैयारियों की समीक्षा, AI, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक से अर्ली वार्निंग सिस्टम होगा मजबूत।

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 05:39 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 05:47 PM IST

Pushkar Singh Dhami reviewe Meeting || Image- CM Pushkar Singn Dhami Twitter

HIGHLIGHTS
  • AI और ड्रोन से आपदा प्रबंधन होगा मजबूत।
  • 13 जिलों से 72 घंटे में रिपोर्ट मांगी गई।
  • राज्य और जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं का विमोचन।

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को देहरादून के आईटी पार्क में आयोजित राज्य स्तरीय प्री-मानसून मॉक ड्रिल की समीक्षा की। (Pushkar Singh Dhami reviewe Meeting) इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सभी तैयारियां मजबूत करने के निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि समय पर तैयारी, त्वरित राहत एवं बचाव कार्य, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और आधुनिक तकनीक का उपयोग बेहद जरूरी है।

AI, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक का होगा इस्तेमाल

सीएम धामी ने बताया कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, ड्रोन निगरानी, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग और डेटा आधारित जोखिम आकलन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है। (Pushkar Singh Dhami reviewe Meeting) उन्होंने कहा कि इन तकनीकों का उद्देश्य संभावित खतरे का पहले से पता लगाकर जन-धन के नुकसान को कम करना है। साथ ही रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को और मजबूत किया गया है तथा दूरदराज के इलाकों तक समय पर चेतावनी पहुंचाने के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम को लगातार उन्नत किया जा रहा है।

13 जिलों से मांगी गई रिपोर्ट

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मॉक ड्रिल के दौरान सामने आई कमियों और अनुभवों का विस्तृत विश्लेषण किया जाए। उन्होंने राज्य के सभी 13 जिलों को 72 घंटे के भीतर अपनी समीक्षा रिपोर्ट उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने आम लोगों को आपदा से बचाव, हेल्पलाइन नंबर और सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।

राज्य और जिला आपदा प्रबंधन योजनाएं जारी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन योजना (SDMP) और राज्य के सभी 13 जिलों की जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं (DDMP) का भी विमोचन किया। (Pushkar Singh Dhami reviewe Meeting) उन्होंने कहा कि इन योजनाओं में आपदा से पहले तैयारी, जोखिम कम करने, राहत एवं बचाव, पुनर्वास और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया गया है, जिससे आपातकालीन स्थिति में अधिक प्रभावी और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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आधुनिक बचाव उपकरणों का किया निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अग्निशमन विभाग द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी स्टॉल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें CBRNE प्रतिक्रिया उपकरण, अंडरवॉटर ड्रोन, सोनार सिस्टम, थर्मल इमेजिंग कैमरे, नाइट विजन डिवाइस, हाइड्रोलिक कटर और अन्य आधुनिक बचाव उपकरणों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आपदा आने के बाद राहत देना नहीं, बल्कि पहले से तैयारी कर नुकसान को न्यूनतम करना और उत्तराखंड को तकनीक आधारित एवं जनभागीदारी वाले आपदा प्रबंधन का देश में मॉडल राज्य बनाना है

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मुख्यमंत्री धामी ने प्री-मानसून समीक्षा बैठक में क्या निर्देश दिए?

उत्तर: मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सभी विभागों को तैयारियां मजबूत करने, बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने और त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

आपदा प्रबंधन में किन आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा?

उत्तर: राज्य सरकार AI आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम, ड्रोन निगरानी, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग और डेटा आधारित जोखिम आकलन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रही है, ताकि संभावित खतरे का पहले से पता लगाया जा सके।

बैठक में कौन-कौन से महत्वपूर्ण फैसले लिए गए?

उत्तर: मुख्यमंत्री ने सभी 13 जिलों से 72 घंटे के भीतर मॉक ड्रिल की समीक्षा रिपोर्ट मांगी, राज्य एवं जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं का विमोचन किया और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।