भोपाल/जबलपुर, 16 जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत पुनर्विकसित किए गए मध्यप्रदेश के 13 रेलवे स्टेशन समेत देशभर के 75 रेलवे स्टेशनों का शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उद्घाटन करेंगे।
जबलपुर मुख्यालय वाले पश्चिम मध्य रेलवे (डब्ल्यूसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हर्षित श्रीवास्तव ने बृहस्पतिवार को बताया कि मध्यप्रदेश के इन स्टेशनों में भोपाल मंडल के सांची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी स्टेशन तथा डब्ल्यूसीआर के तहत आने वाले जबलपुर मंडल का बयोहारी स्टेशन शामिल है।
उन्होंने कहा कि डब्ल्यूसीआर जोन के अंतर्गत आने वाले पड़ोसी राज्य राजस्थान के कोटा डिवीजन स्थित गंगानगर स्टेशन का भी उद्घाटन किया जाएगा।
अधिकारी ने कहा, ‘इन स्टेशनों का पुनर्विकास प्रत्येक क्षेत्र की स्थानीय विरासत और स्थापत्य पहचान को संरक्षित करते हुए विश्वस्तरीय यात्री सुविधाएं प्रदान करने की भारतीय रेलवे की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।’
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपराह्न 3.40 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे।
उन्होंने कहा कि देशभर के 20 राज्यों में लगभग 1,570 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राष्ट्र को समर्पित किए जाएंगे।
रेलवे के अनुसार, पुनर्विकसित स्टेशनों को ‘विरासत भी, विकास भी’ की विषय-वस्तु पर डिजाइन किया गया है, जिसमें आधुनिक यात्री सुविधाएं प्रदान करते हुए स्थानीय संस्कृति, इतिहास और वास्तुकला को दर्शाने वाले तत्वों को शामिल किया गया है।
श्रीवास्तव ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस योजना के तहत 13 स्टेशनों का उद्घाटन किया जा रहा है।
भोपाल के संभागीय जनसंपर्क अधिकारी नवल अग्रवाल ने बताया कि सांची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी स्टेशनों पर शुक्रवार अपराह्न दो बजे से सांसदों, विधायकों, अन्य जनप्रतिनिधियों, रेलवे अधिकारियों और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रदर्शन, लघु फिल्म की स्क्रीनिंग और प्रधानमंत्री के उद्घाटन से पहले पुरस्कार वितरण शामिल हैं।
अग्रवाल ने कहा, ‘‘भोपाल मंडल में चार पुनर्विकसित स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं, दिव्यांगजन के लिए बेहतर पहुंच और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करने के लिए डिजाइन किए गए बुनियादी ढांचे से लैस किया गया है।
उन्नत स्टेशनों में आधुनिक स्टेशन भवन, विस्तारित प्लेटफॉर्म आश्रय, बेहतर प्रतीक्षालय, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, कोच स्थिति प्रदर्शन बोर्ड, उन्नत सार्वजनिक घोषणा प्रणाली, उन्नत परिसंचारी क्षेत्र और संगठित पार्किंग सुविधाएं हैं।’
उन्होंने कहा कि स्टेशन परिसर और प्लेटफार्मों पर ऊर्जा कुशल एलईडी लाइटिंग लगाई गई है।
रेलवे प्रशासन को उम्मीद है कि पुनर्विकसित स्टेशनों से यात्रियों की सुविधा में सुधार होगा और साथ ही इससे पर्यटन, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
भाषा सं ब्रजेन्द्र सिम्मी
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