राम-हनुमान पर फाइट.. किसका कॉपीराइट? उमा भारती क्यों दे रही हैं लगातार ऐसे बयान और क्या श्रीराम के बिना राजनीति संभव नहीं ?

उमा भारती क्यों दे रही हैं लगातार ऐसे बयान और क्या श्रीराम के बिना राजनीति संभव नहीं ? Politics heated up due to Uma Bharti's statement

राम-हनुमान पर फाइट.. किसका कॉपीराइट? उमा भारती क्यों दे रही हैं लगातार ऐसे बयान और क्या श्रीराम के बिना राजनीति संभव नहीं ?
Modified Date: December 31, 2022 / 12:11 am IST
Published Date: December 31, 2022 12:11 am IST

भोपालः मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और फायरब्रांड नेता उमा भारती तीन दिन से लगातार ऐसे बयान दे रही हैं, जो बीजेपी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं। अब उन्होंने कहा कि राम और हनुमान बीजेपी के कॉपीराइट नहीं। भगवान राम का भक्त कोई भी हो सकता है। उमा के इस बयान पर कांग्रेस ने कहा इससे साबित हो जाता है कि बीजेपी ने भगवान को बांटने का काम किया है।

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मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती अपनी मुखर आवाज को लेकर जानी जाती हैं। लेकिन कई बार उमा के बयान इतने तल्ख हो जाते हैं, जिसे पार्टी के लिए ना निगलना संभव हो पाता है और ना ही उगलना। ऐसा ही एक बयान उन्होंने छिंदवाड़ा में दिया है। भगवान राम और हनुमान को लेकर उमा ने क्या कहा, वो आप भी सुनिए।

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भगवान राम और हनुमान बीजेपी के कॉपीराइट नहीं, उमा के इस बयान को कांग्रेस ने लपक लिया। कांग्रेस ने कहा कि सच सामने आ रहा है। बीजेपी ने भगवान को बांटने का काम कर धर्म की सियासत की है। बीजेपी ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस पर तुष्टीकरण के आरोप लगाए।

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ऐसा पहली बार नहीं, जब उमा भारती ने अपनी ही पार्टी पर सवाल उठाए हों। उमा सिर्फ बीते तीन दिनों में ही 3 बार ऐसा कर चुकी हैं। पहले लोधी वोटरों की बात, इसके बाद कैबिनेट के संतुलन पर सवाल और अब राम-हनुमान पर कॉपीराइट का बयान। सवाल है कि उमा भारती लगातार ऐसे बयान क्यों दे रही हैं और क्या श्रीराम के बिना राजनीति संभव नहीं?


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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।