इंदौर। Indore Mayor Challenges Rahul Gandhi : एमपी के इंदौर में 27 जनवरी को आ रहे राहुल गांधी को लेकर अब सियासत तेज हो गयी है। आंबेडकर के मुद्दे को लेकर इंदौर के महापौर ने राहुल गांधी को खुली बहस की चुनौती दी है। महापौर का कहना है की राहुल गांधी इंदौर आ रहे है तो संविधान के मुद्दे पर बहस कर लें। अगर वह मूल भावना समझे होते तो इस तरह का अभियान अपने हाथ में नहीं लेते।
बता दें कि इंदौर के महू में बाबा साहब आंबेडकर की जन्मभूमि पर 27 जनवरी को कांग्रेस एक बड़ी रैली करने जा रही है। इस रैली में कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गाँधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे भी इंदौर आ रहे है। एक और कांग्रेस इसे लेकर तैयारियों में जुटी हुई है तो वही बीजेपी ने इस रैली पर निशाना साधना शुरू कर दिया है।
इंदौर आ रहे राहुल गांधी को इंदौर में मेयर ने बहस की चुनौती दी है। पेशे से वकील इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने चुनौती देते हुए कहा की यद्दी राहुल गांधी वाकई संविधान की रक्षा की चिंता करते है तो वे खुली बहस कर ले। जब कांग्रेस की सरकार थी तब कैसे संविधान का पतन हुआ और जब बीजेपी की सरकार रही तब कैसे संविधान की रक्षा हुई। पुष्यमित्र भार्गव ने कहा की भारत के संविधान की मूल भावना की तर्क सांगत बात वे बहस में कर ले, क्योंकि यदि वे मूल भावना को समझे होते तो इस तरह का अभियान अपने हाथ में नहीं लेते।
इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राहुल गांधी को संविधान के मुद्दे पर खुली बहस करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी वाकई संविधान की रक्षा की चिंता करते हैं तो वे इस पर बहस कर सकते हैं, जिसमें यह चर्चा हो कि कांग्रेस और बीजेपी सरकारों के दौरान संविधान की रक्षा कैसे हुई।
क्यों महापौर ने राहुल गांधी को बहस की चुनौती दी?
महापौर ने यह चुनौती दी क्योंकि उन्हें लगता है कि राहुल गांधी संविधान की मूल भावना को सही तरीके से समझते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी इस मूल भावना को समझते तो वह ऐसा अभियान नहीं चलाते।
राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता कब इंदौर आ रहे हैं?
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे 27 जनवरी को इंदौर में आयोजित कांग्रेस की एक बड़ी रैली में हिस्सा लेने आ रहे हैं। यह रैली महू में बाबा साहब आंबेडकर की जन्मभूमि पर होगी।
कांग्रेस की रैली को लेकर बीजेपी का क्या रुख है?
बीजेपी ने कांग्रेस की इस रैली पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। महापौर ने भी बीजेपी का पक्ष रखते हुए राहुल गांधी को बहस करने की चुनौती दी है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव पेशे से क्या हैं?
महापौर पुष्यमित्र भार्गव पेशे से वकील हैं, और उनके द्वारा दी गई बहस की चुनौती संविधान के मुद्दे पर गहरी समझ को लेकर है।