भोपालः Krishna Janmashtami in Schools भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मध्यप्रदेश में अब सरकारी तौर पर समारोह पूर्वक मनाया जाएगा। सरकारी आदेश में इस संबंध में सारी जानकारी तो दी गई है, लेकिन क़ाबिल-ए-गौर बात ये है कि भगवान से जुड़े भ्रामक मिथकों की सही व्याख्या की जाए। सरकार के इस आदेश पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कांग्रेस बीजेपी सरकार को कंस करार दे रही है तो मुस्लिम समाज कह रहा है कि स्कूलों में किसी एक धर्मं विशेष के आयोजन नहीं होने चाहिए।
Krishna Janmashtami in Schools एमपी में जब से यदुवंशी मुख्यमंत्री बने हैं तभी से भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का बखान ज़ोर-शोर से हो रहा है। ज़ाहिर है कि सरकार के ऐसे निर्णय के समर्थन में भाजपा को आना ही था। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस केवल तुष्टिकरण करती है। अपने दौर में तो वो सरकारी तौर पर रोज़ा इफ्तार करवाती थी फिर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से उन्हें क्यूँ परहेज है।
एमपी में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कोई धार्मिक आयोजन सभी स्कूलों के लिए आदेश निकालकर मनाने को कहा गया है। सवाल ये है कि सरकारी स्कूलों में पढने वाले दूसरे धर्म के बच्चे क्या इससे असहज नहीं होंगे? सवाल ये कि भगवान से जुड़े भ्रामक मिथक क्या माखन चोरी और सोलह हज़ार एक सौ आठ पटरानियों वाला ही होगा? सवाल ये भी कि क्या बाकी त्योहारों में भी ऐसे सरकारी आयोजन होंगे?
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