शह मात The Big Debate: जन्माष्टमी उत्सव का ऐलान.. क्यों मचा सियासी घमासान? स्कूलों में कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी, क्या विरोध के बाद अब बदलेगा फैसला?

जन्माष्टमी उत्सव का ऐलान.. क्यों मचा सियासी घमासान? स्कूलों में कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी, Preparations for Krishna Janmashtami in Schools

शह मात The Big Debate: जन्माष्टमी उत्सव का ऐलान.. क्यों मचा सियासी घमासान? स्कूलों में कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारी, क्या विरोध के बाद अब बदलेगा फैसला?
Modified Date: August 25, 2026 / 12:02 am IST
Published Date: August 24, 2026 11:43 pm IST

भोपालः Krishna Janmashtami in Schools भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मध्यप्रदेश में अब सरकारी तौर पर समारोह पूर्वक मनाया जाएगा। सरकारी आदेश में इस संबंध में सारी जानकारी तो दी गई है, लेकिन क़ाबिल-ए-गौर बात ये है कि भगवान से जुड़े भ्रामक मिथकों की सही व्याख्या की जाए। सरकार के इस आदेश पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। कांग्रेस बीजेपी सरकार को कंस करार दे रही है तो मुस्लिम समाज कह रहा है कि स्कूलों में किसी एक धर्मं विशेष के आयोजन नहीं होने चाहिए।

Krishna Janmashtami in Schools एमपी में जब से यदुवंशी मुख्यमंत्री बने हैं तभी से भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का बखान ज़ोर-शोर से हो रहा है। ज़ाहिर है कि सरकार के ऐसे निर्णय के समर्थन में भाजपा को आना ही था। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस केवल तुष्टिकरण करती है। अपने दौर में तो वो सरकारी तौर पर रोज़ा इफ्तार करवाती थी फिर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से उन्हें क्यूँ परहेज है।

एमपी में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब कोई धार्मिक आयोजन सभी स्कूलों के लिए आदेश निकालकर मनाने को कहा गया है। सवाल ये है कि सरकारी स्कूलों में पढने वाले दूसरे धर्म के बच्चे क्या इससे असहज नहीं होंगे? सवाल ये कि भगवान से जुड़े भ्रामक मिथक क्या माखन चोरी और सोलह हज़ार एक सौ आठ पटरानियों वाला ही होगा? सवाल ये भी कि क्या बाकी त्योहारों में भी ऐसे सरकारी आयोजन होंगे?

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।