राजगढ़: राजगढ़ के जीरापुर तहसील के काशीखेड़ी गांव में सोमवार सुबह अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। तहसीलदार आर.पी. सिंह गौड़ और टीआई प्रदीप गोलियां पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।
टीम मानसिंह, बनेसिंह और कमल दांगी के कथित अतिक्रमण वाले मकानों को हटाने 3-4 जेसीबी मशीनें लेकर आई थी। प्रभावित परिवार ने पहले विनती की। जब कार्रवाई नहीं रुकी तो बनेसिंह की पत्नी अनारबाई (55) ने जहर पी लिया। साथ ही उनका भतीजा रामचरण 33 केवी बिजली के खंभे पर चढ़ गया।
लाइन बंद करवाकर युवक को खंभे से नीचे उतारा प्रशासन ने तुरंत बिजली कंपनी से लाइन बंद करवाई। युवक को नीचे उतारा गया। अनारबाई को पहले जीरापुर अस्पताल ले जाया गया। बाद में उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया।
इस मामले में तहसीलदार आर.पी. सिंह गौड़, टीआई प्रदीप गोलियां और स्थानीय पुलिस बल शामिल थे। जिनके मकानों पर कार्रवाई की गई, वे मानसिंह, बनेसिंह और कमल दांगी थे।
"काशीखेड़ी अतिक्रमण मामला" में विरोध क्यों हुआ?
ग्रामीणों ने अपने घरों को अतिक्रमण बताकर तोड़े जाने का विरोध किया। बनेसिंह की पत्नी अनारबाई ने जहर खा लिया और उनका भतीजा बिजली के खंभे पर चढ़ गया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
"काशीखेड़ी अतिक्रमण मामला" में प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
प्रशासन ने बिजली कंपनी से लाइन बंद करवाई, युवक को खंभे से नीचे उतारा और अनारबाई को तत्काल अस्पताल भेजा गया।
क्या "काशीखेड़ी अतिक्रमण मामला" में घायल महिला की हालत गंभीर है?
अनारबाई को पहले जीरापुर अस्पताल और फिर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जिससे उनकी हालत गंभीर मानी जा सकती है।
"काशीखेड़ी अतिक्रमण मामला" से संबंधित कार्रवाई क्या कानूनी थी?
प्रशासनिक टीम सरकारी आदेश और दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई कर रही थी, लेकिन विरोध और आत्महत्या की कोशिश से मामला संवेदनशील बन गया है।