प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम हटाना भाजपा की ओछी मानसिकता का प्रतीक: कांग्रेस

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम हटाना भाजपा की ओछी मानसिकता का प्रतीक: कांग्रेस

प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से राजीव गांधी का नाम हटाना भाजपा की ओछी मानसिकता का प्रतीक: कांग्रेस
Modified Date: September 2, 2026 / 07:32 pm IST
Published Date: September 2, 2026 7:32 pm IST

भोपाल, दो सितंबर (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को मध्यप्रदेश के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) का पुनर्गठन कर उसके नाम से पूर्व प्रधानमंत्री का नाम हटाए जाने के भाजपा नीत सरकार के फैसले की कड़ी निन्दा करते हुए इसे सत्तारूढ़ दल की ओछी मानसिकता का प्रतीक करार दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) खुद तो कोई नया काम कर नहीं पाती है और बस कांग्रेस के जमाने के कार्यों की नाम पट्टिकाएं बदलने में लगी रहती है।

उन्होंने कहा, ‘‘राजीव गांधी का नाम हटाना भाजपा सरकार की ओछी मानसिकता का प्रतीक है। सारा संसार इस बात का गवाह है कि राजीव गांधी के कार्यकाल में देश ने आधुनिक तकनीक की दुनिया में प्रवेश किया था। सूचना क्रांति और कंप्यूटर के युग का सूत्रपात भी राजीव गांधी ने किया था।’’

मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय आरजीपीवी के पुनर्गठन और इसे तीन पृथक-पृथक विश्वविद्यालयों में विभाजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी।

इसके साथ ही विश्वविद्यालय के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम भी हटाने का निर्णय लिया गया।

फैसले के मुताबिक तहत भोपाल स्थित वर्तमान आरजीपीवी परिसर को ‘मध्य भारत प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय’ के नाम से जाना जाएगा। इसके अलावा, दो अन्य संभागों में नए मुख्यालय बनाए जाएंगे, जिसमें जबलपुर में ‘महाकौशल प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय’ और उज्जैन में ‘मालवा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विश्वविद्यालय’ स्थापित होगा।

कमलनाथ ने मध्यप्रदेश सरकार को शिक्षा विरोधी करार देते हुए मुख्यमंत्री से राजीव गांधी का नाम न हटाने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह भी याद दिलाना चाहता हूं कि कल के बाद परसों आता है। अच्छे और बुरे हर काम का हिसाब होता है। हम भी हिसाब करेंगे। आप नाम बदलकर इतिहास नहीं बदल सकते।’’

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने राज्य सरकार के फैसले की निंदा करते हुए कहा कि देश के लिए शहादत देने वालों का नाम हटाना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा की साजिश है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार भले नाम हटा दे लेकिन वह राजीव गांधी को लोगों के दिलों से कभी नहीं हटा सकती।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की और इसे राजनीतिक विद्वेष से भरा एक कदम बताया।

उन्होंने कहा कि केवल नाम बदल देने से इतिहास के पन्नों और जनता के दिलों से राजीव गांधी के योगदान को मिटाया नहीं जा सकता।

सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने एक सुनियोजित साजिश के तहत ही राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में बांटने का प्रपंच रचा है, ताकि देश के महान नेता का नाम इस प्रतिष्ठित संस्थान से विलोपित किया जा सके।

इस बीच, भोपाल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने आरजीपीवी ने मंत्रिमंडल के फैसले का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय परिसर में जश्न मनाया।

इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर सरकार के निर्णय का स्वागत किया।

भाषा ब्रजेन्द्र राजकुमार

राजकुमार


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