RSS chief Mohan Bhagwat went to mosque and madrasa for the first time

मुस्लिमों से बैर नहीं.. चुनाव में अब देर नहीं! मस्जिद में ‘भागवत’.. बंद कमरे में इमाम से बैठक, मध्यप्रदेश में गरमाई सियासत

मुस्लिमों से बैर नहीं.. चुनाव में अब देर नहीं! मस्जिद में 'भागवत' : RSS chief Mohan Bhagwat went to mosque and madrasa for the first time

Edited By: , September 24, 2022 / 12:03 AM IST

(सुधीर दंडोतिया) भोपालः RSS chief Mohan Bhagwat went to mosque बीते दिन कुछ ऐसा हुआ जिस पर सारे देस के साथ-साथ मध्यप्रदेश के सियासी गलियारे में भी बहस का नया मोर्चा खुल गया। हिंदू और हिंदुत्व वाली कट्टर सोच रखने वाले संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पहली बार मस्जिद और मदरसे का रुख किया। भागवत ने तकरीबन एक घंटे तक अखिल भारतीय इमाम संगठन के चीफ इमाम- उमर इलियासी से मुलाकात की जिससे बाद इलियासी ने भागवत की तारीफ करते हुए उन्हें राष्ट्रपिता बता दिया। इलियासी ने ये भी दावा किया कि इस मुलाकात का देशभर में काफी अच्छा मैसेज जाएगा। इधर,कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का असर है कि भागवत को मस्जिद और मदरसे जाना पड़ रहा है।

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RSS chief Mohan Bhagwat went to mosque संघ प्रमुख मोहन भागवत के मस्जिद और मदरसे जाने के बाद, इस पर सियासी माहौल कुछ ऐसा गर्माया जिसकी चर्चा चारों फैल गई। ये पहली बार हुआ जब कट्टर हिंदूवादी संगठन के तौर पर पहचान रखने वाले RSS के चीफ किसी मस्जिद और मदरसे गए हों। इस दौरान भागवत की अखिल भारतीय इमाम संगठन के चीफ इमाम, उमर इलियासी से करीब एक घंटे की मुलाकात हुई। इस दौरे और मुलाकात का असर भी ऐसा की। मौलाना इलियासी ने भागवत तो ‘राष्ट्रपिता’ और ‘राष्ट्रऋषि’ बताते हुए, इसके बहुत सार्थक मैसेज जाने की बात कही।

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संघ प्रमुख का दौरा पर सियासत भी जमकर जारी है। प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि उनकी सोच शुरू से ही साफ है। मुसलमान से बैर नहीं और आतंकी की खैर नहीं। वैसे संघ की ये पहल कांग्रेस के गल नहीं उतर रही है। अक्सर संघ पर करारा वार करने वाले दिग्विजय सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि दरअसल ये राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का असर है कि भागवत को मस्जिद जाना पड़ा।

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कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में आने वाले सालों में पहले 2023 में विधानसभा फिर 2024 में लोकसभा चुनाव हैं। जिसके लिए संघ प्रमुख का मुस्लिमों के प्रति सॉफ्ट रूख…पॉजिटिव रवैया सीधे सीधे बीजेपी का फायदा पहुंचा सकता है, जाहिर है यही बात कांग्रेस को सबसे ज्यादा खटक रही है, मौजूदा सियासी वार-पलटवार इसी का नतीजा है। बड़ा सवाल ये क्या कांग्रेस वक्त रहते इसकी काट खोज पाएगी ।