Sagar Hindu Family Tazia Maker : 250 साल से निभा रहे अनोखी परंपरा! मोहर्रम आते ही इस हिंदू परिवार के घर शुरू होता है ऐसा काम, जानकर रह जाएंगे हैरान

Ads

मध्य प्रदेश के सागर जिले के गढ़ाकोटा में एक हिंदू परिवार पिछले करीब 250 वर्षों से मोहर्रम के अवसर पर ताजिया और बुर्राख बनाकर हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश कर रहा है। पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा आज भी पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।

  • Reported By: AMIT VARMA

    ,
  •  
  • Publish Date - June 25, 2026 / 11:23 PM IST,
    Updated On - June 25, 2026 / 11:25 PM IST

Sagar Hindu Family Tazia Maker / Image Source : SCREENGRAB

HIGHLIGHTS
  • सागर में हिंदू परिवार 250 साल से बना रहा ताजिया
  • मोहर्रम से दो महीने पहले शुरू हो जाती है तैयारी
  • गढ़ाकोटा में दिखी गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल

सागर : Sagar Hindu Family Tazia Maker : मोहर्रम के पवित्र महीने में जहां मुस्लिम समाज इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिया और अखाड़ों की तैयारियों में जुटा है, वहीं सागर जिले के गढ़ाकोटा नगर से हिंदू-मुस्लिम एकता की अनूठी मिसाल की तस्वीरे सामने आई है। यहां एक हिंदू परिवार पिछले लगभग ढाई सौ वर्षों से मोहर्रम के अवसर पर ताजिया और बुर्राख बनाकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम कर रहा है।

दो महीने पहले से शुरू होती है तैयारी

दरअसल,गढ़ाकोटा के सुभाष वार्ड निवासी अभिषेक विश्वकर्मा का परिवार पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस परंपरा का निर्वहन कर रहा है। अभिषेक विश्वकर्मा बताते हैं कि यह परंपरा उनके पूर्वजों के समय से चली आ रही है और आज भी पूरे परिवार द्वारा श्रद्धा और समर्पण के साथ निभाई जा रही है। मोहर्रम से करीब दो माह पहले ही ताजिया निर्माण का कार्य शुरू हो जाता है। बांस की खपच्चियों, रंगीन कागज, कपड़े और अन्य सामग्री से आकर्षक ताजिया एवं बुर्राख तैयार किए जाते हैं।

“सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाया”

Garhakota Hindu Muslim Unity अभिषेक विश्वकर्मा का कहना है कि यह उनके लिए केवल एक कला नही बल्कि आस्था और इंसानियत की सेवा है। उनके अनुसार उनके बुजुर्गों ने उन्हें हमेशा सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाया है और यही परंपरा आज भी जारी है। गढ़ाकोटा में केवल विश्वकर्मा परिवार ही नहीं, बल्कि एक खटीक और एक रैकवार परिवार भी वर्षों से अपने यहां ताजिया बनाने की परंपरा निभा रहे हैं। यही कारण है कि नगर में गंगा-जमुनी तहजीब की झलक साफ दिखाई देती है।

हिन्दू मुस्लिम कौमी एकता का मजबूत संदेश

ईद, होली, दिवाली सहित सभी त्योहार यहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय मिल-जुलकर मनाते हैं। मोहर्रम के दौरान पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी ताजिया मैदान पहुंचकर मुस्लिम समाज के लोगों से मुलाकात करते हैं और जुलूस में शामिल होते हैं। इस वर्ष 26 जून को मोहर्रम का पर्व नगर में पारंपरिक उत्साह और भाईचारे के साथ मनाए जाने की तैयारी है। बहरहाल सागर जिले गढ़ाकोटा की यह परंपरा देश को साफ तौर पर हिन्दू मुस्लिम कौमी एकता का मजबूत संदेश दे रही है।

इन्हें भी पढ़ें:-