रायपुर। UCC in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड-यूसीसी) लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है। यह समिति राज्य में यूसीसी लागू करने की संभावनाओं, कानूनी पहलुओं और सामाजिक प्रभावों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सरकार द्वारा गठित समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में पूर्व आईएएस अधिकारी एम.के. राउत और शत्रुघ्न सिंह को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा प्राचार्य ज्योति रानी सिंह को भी समिति में शामिल किया गया है।
UCC in Chhattisgarh: सरकारी सूत्रों के अनुसार समिति राज्य में विभिन्न समुदायों के व्यक्तिगत कानूनों, विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति संबंधी प्रावधानों का अध्ययन करेगी। साथ ही अन्य राज्यों में यूसीसी से जुड़े अनुभवों और कानूनी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया जाएगा। समिति विभिन्न वर्गों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव प्राप्त कर व्यापक अध्ययन करेगी। इसके बाद अपनी अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए धर्म और समुदाय से परे एक समान नागरिक कानून लागू करना है। छत्तीसगढ़ में समिति के गठन को यूसीसी लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। राज्य सरकार का मानना है कि व्यापक अध्ययन और सभी पक्षों से चर्चा के बाद ही इस विषय पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।