Samvida Karmchari Latest News: नियमितीकरण की राह देख रहे संविदा कर्मचारियों को लगा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज कर दी याचिका, कहा- नहीं बनता आपका कोई अधिकार

नियमितीकरण की राह देख रहे संविदा कर्मचारियों को लगा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज कर दी याचिका, Samvida Karmchari Latest News: High Court rejects regularization petition

Samvida Karmchari Latest News: नियमितीकरण की राह देख रहे संविदा कर्मचारियों को लगा झटका, हाईकोर्ट ने खारिज कर दी याचिका, कहा- नहीं बनता आपका कोई अधिकार
Modified Date: March 18, 2026 / 06:19 pm IST
Published Date: March 18, 2026 6:19 pm IST
HIGHLIGHTS
  • 291 गेस्ट फैकल्टी की याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कीं
  • लंबे समय तक सेवा से नियमितीकरण का अधिकार नहीं: कोर्ट
  • स्थायी नियुक्ति केवल वैधानिक प्रक्रिया से ही संभव

जबलपुर। Samvida Karmchari Latest News मध्यप्रदेश में संविदा और गेस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत शिक्षकों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नियमितीकरण की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने 291 गेस्ट फैकल्टी द्वारा दायर याचिकाओं को निरस्त करते हुए स्पष्ट कर दिया कि लंबे समय तक सेवा देने मात्र से स्थायी नियुक्ति का अधिकार नहीं बनता।

Samvida Karmchari Latest News हाईकोर्ट ने अपने फैसले में टिप्पणी की कि सरकारी सेवाओं में स्थायी नियुक्ति केवल वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही संभव है। अदालत ने कहा कि नियमों को दरकिनार कर किसी भी कर्मचारी को नियमित करना न्यायसंगत नहीं होगा। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि वे वर्षों से गेस्ट फैकल्टी या संविदा के रूप में कार्य कर रहे हैं, इसलिए उन्हें नियमित किया जाना चाहिए। हालांकि कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट किया कि नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और विधिक प्रावधानों का पालन आवश्यक है।

अदालत ने यह भी कहा कि अस्थायी या संविदा आधार पर की गई नियुक्तियां स्थायी पदों पर स्वतः अधिकार नहीं देतीं। ऐसे मामलों में सरकार द्वारा निर्धारित भर्ती प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। इस फैसले के बाद प्रदेश भर के गेस्ट फैकल्टी और संविदा कर्मचारियों में निराशा देखी जा रही है, क्योंकि लंबे समय से वे नियमितीकरण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।