Kendriya Vidyalaya Controversy: आखिर क्यों? स्कूल में छात्र-छात्राओं को उतारनी पड़ी अपनी टी-शर्ट, प्रिंसिपल की इस जिद ने खड़ा किया बड़ा बवाल

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सिवनी के केंद्रीय विद्यालय में 12वीं के छात्रों से टी-शर्ट उतरवाने का मामला गरमा गया है। अभिभावकों के विरोध और हंगामे के बाद जिला कलेक्टर शीतल पटले ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं। स्कूल प्रबंधन पर मानसिक प्रताड़ना और अनुचित कार्रवाई के आरोप लगे हैं।

  • Reported By: Ankit Rajak

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  • Publish Date - January 30, 2026 / 04:06 PM IST,
    Updated On - January 30, 2026 / 04:13 PM IST

Kendriya Vidyalaya Controversy / Image Source : AI GENERATED

HIGHLIGHTS
  • 12वीं कक्षा के छात्रों ने प्रैक्टिकल परीक्षा के बाद यूनिफॉर्म टी-शर्ट पर नाम और चित्र बनाए थे
  • प्रिंसिपल द्वारा टी-शर्ट उतरवाने के फैसले से अभिभावक आक्रोशित
  • जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच का दिया आश्वासन

सिवनी : मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के केंद्रीय विद्यालय में छात्र-छात्राओं की टी-शर्ट उतरवाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित पालकों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया और प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर शीतल पटले ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला ?

मिली जानकारी के अनुसार पूरा मामला 29 जनवरी का है, जब 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं ने प्रैक्टिकल परीक्षा के बाद अपनी यूनिफॉर्म वाली टी-शर्ट पर एक-दूसरे के नाम, नेताओं के नाम, “आई लव” और दिल के चित्र बना लिए थे। स्कूल के प्रिंसिपल दीपक साहू ने इसे अनुशासनहीनता करार देते हुए तर्क दिया कि इससे यूनिफॉर्म की गरिमा और स्कूल की छवि धूमिल होती है। Seoni News, इसी आधार पर उन्होंने बच्चों से उनकी टी-शर्ट उतरवा दीं और उनके पालकों को बुलाने के लिए कहा। इस कार्रवाई से नाराज पालकों और स्कूल प्रबंधन के बीच जमकर बहस हुई। पालकों का आरोप है कि बच्चों ने टी-शर्ट पर जो लिखा वह कोई अपराध नहीं था, लेकिन कपड़े उतरवाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। साथ ही अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर बच्चों के पांच अंक काटने की धमकी देने का भी गंभीर आरोप लगाया है।

निष्पक्ष जांच का  दिया  भरोसा

इस पूरे मामले में पालक प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टर शीतल पटले ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया है। इस मामले में कलेक्टर, प्रिंसिपल दीपक साहू और परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए हैं, जिसके आधार पर जांच आगे बढ़ेगी।

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छात्रों से टी-शर्ट क्यों उतरवाई गई?

स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि यूनिफॉर्म पर नाम और चित्र लिखना अनुशासनहीनता है और इससे स्कूल की गरिमा प्रभावित होती है, इसी कारण यह कार्रवाई की गई।

अभिभावकों का मुख्य आरोप क्या है?

अभिभावकों का आरोप है कि बच्चों ने कोई अपराध नहीं किया था, फिर भी उन्हें कपड़े उतरवाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और अंक काटने की धमकी दी गई।

प्रशासन ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?

जिला कलेक्टर शीतल पटले ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं और प्रिंसिपल, छात्रों व अभिभावकों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।