कोलकाता, 30 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने नरेंद्रपुर में 26 जनवरी को मोमो बनाने की इकाई और सजावटी सामान के गोदामों में लगी भीषण आग के मामले में इनके मालिकों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सैकड़ों समर्थकों के साथ एक जुलूस निकाला।
नरेंद्रपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नाजिराबाद में 26 जनवरी की तड़के एक मामो बनाने वाली इकाई और सजावटी समान के गोदामों में भीषण आग लग गई थी और इस घटना में कई मजदूरों की मौत हो गई थी।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों को संरक्षण दे रही है और असंवेदनशीलता दिखा रही है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना के पांच दिन बाद भी घटनास्थल का दौरा नहीं किया है, जबकि बचाव और खोज अभियान अब भी जारी हैं।
‘फूड चेन’ के मालिकों में से एक की कथित तस्वीर प्रदर्शित करते हुए अधिकारी ने दावा किया कि ये तस्वीर उन्होंने (मालिक ने) तब सोशल मीडिया पर साझा की थी जब वह मुख्यमंत्री के साथ व्यापार प्रतिनिधिमंडल में विदेश दौरे पर गए थे।
अधिकारी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ‘फूड चेन’ के मालिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है क्योंकि वे सरकार और तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के करीबी हैं।
‘पीटीआई-भाषा’, रैली स्थल पर अधिकारी द्वारा प्रदर्शित तस्वीर की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।
अधिकारी ने कहा, ‘‘सिर्फ सजावटी सामान की कंपनी के एक मालिक और फूड चेन के दो कनिष्ठ अधिकारियों को गिरफ्तार करने से काम नहीं चलेगा। हम कंपनियों के शीर्ष संचालनकर्ताओं की तत्काल गिरफ्तारी चाहते हैं।’’
अधिकारी ने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों के लिए घोषित 10 लाख रुपये का मुआवजा अपर्याप्त है और उन्होंने प्रत्येक प्रभावित परिवार के एक सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग की।
उन्होंने कहा, ‘‘अग्निशमन मंत्री घटना के 32 घंटे बाद पहुंचे, जबकि मुख्यमंत्री ने आना जरूरी नहीं समझा। इस मामले को जिस तरह से संभाला जा रहा है वह अमानवीय है और सत्ताधारी पार्टी की मिलीभगत को दर्शाता है।’’
यह जुलूस शहीद खुदीराम मेट्रो स्टेशन से शुरू हुआ और ईएम बाईपास तथा गरिया धलाई ब्रिज से होते हुए नरेंद्रपुर थाने से लगभग 200 मीटर की दूरी पर समाप्त हुआ।
कोलकाता उच्च न्यायालय ने जुलूस की अनुमति बृहस्पतिवार को दी थी और अदालत के निर्देश के मुताबिक ही यह आयोजित किया गया।
भाषा यासिर पवनेश
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