Tehsildar Amita Singh Suspended: जेल में बंद तहसीलदार सेवा से सस्पेंड.. बाढ़ राहत राशि गड़बड़ी में पुलिस ने किया है गिरफ्तार, क्या जाएगी नौकरी?..

Tehsildar Amita Singh Suspended: श्योपुर बाढ़ घोटाले में आरोपी तहसीलदार अमिता सिंह निलंबित, गिरफ्तारी के बाद जमानत सुनवाई 6 अप्रैल तय हुई।

Tehsildar Amita Singh Suspended: जेल में बंद तहसीलदार सेवा से सस्पेंड.. बाढ़ राहत राशि गड़बड़ी में पुलिस ने किया है गिरफ्तार, क्या जाएगी नौकरी?..

Tehsildar Amita Singh Suspended || Image- The Siasat Daily File

Modified Date: April 1, 2026 / 09:33 am IST
Published Date: April 1, 2026 9:33 am IST
HIGHLIGHTS
  • बाढ़ घोटाले में तहसीलदार अमिता सिंह गिरफ्तार सेवा से निलंबन
  • विभागीय कार्रवाई तेज
  • 6 अप्रैल को जमानत पर सुनवाई

शिवपुरी: ढाई करोड़ रुपए के बाढ़ घोटाले के आरोप में जेल में बंद आरोपी महिला तहसीलदार अमिता सिंह पर बड़ी विभागीय कार्रवाई हुई है। उन्हें सेवा से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन आदेश चंबल आयुक्त सुरेश शर्मा के दफ्तर से जारी किया गया है। (Tehsildar Amita Singh Suspended) अमिता सिंह को श्योपुर की बड़ौदा थाना पुलिस ने पांच दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। उनकी जमानत पर 6 अप्रैल को सुनवाई तय है।

केबीसी में जीत चुकी है 50 लाख रूपये

मध्यप्रदेश में बाढ़ राहत घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए श्योपुर जिले की बड़ौदा थाना पुलिस ने तहसीलदार अमिता सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर करीब ढाई करोड़ रुपये के बाढ़ राहत घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है। पता हो कि महिला तहसीलदार अमिता सिंह तोमर साल 2011 में केबीसी के पांचवें सीजन में 50 लाख रुपये जीतकर सुर्खियों में आई थीं।

पुलिस के अनुसार अमिता सिंह तोमर को ग्वालियर स्थित उनके निवास से गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई उनके खिलाफ चल रहे मामले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद की गई है। बताया जा रहा है कि बड़ौदा थाना पुलिस लंबे समय से उनकी तलाश में थी और कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। मामले में जांच एजेंसियों ने पहले ही घोटाले से जुड़े कई अहम दस्तावेज जुटाए थे। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उन्हें श्योपुर ले गई है, जहां कुछ ही देर में कोर्ट में पेश किया गया।

फर्जी नामों पर निकाली राशि

आरोप है कि अमिता सिंह ने असली पीड़ितों की बजाय फर्जी नामों पर राशि वितरण की सूची बनाई थी जिसमें ढाई करोड़ रूपए पर डाका डाला था। अमिता सिंह के इस हरकत की वजह से असली बाढ़ पीड़ित राहत राशि से वंचित रह गए थे। (Tehsildar Amita Singh Suspended) ऑडिट जांच में इस मामले की पोल खुली थी कि कई अपात्र और काल्पनिक नामों पर मुआवजा राशि निकाल ली गई है.इस गड़बड़घोटाले में ना सिर्फ सरकारी दस्तावेजों के साथ हेरफेर किया गया था बल्कि सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया था।

14 साल की नौकरी में 25 तबादले, पीएम को लिखा था पत्र

अमिता सिंह तोमर की सर्विस भी काफी चर्चा में रही है। करीब 14 साल की नौकरी में उनके 25 तबादले हो चुके हैं। हाल ही में ब्यावरा से करीब 800 किमी दूर सीधी तबादला होने पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इसके साथ ही उन्होंने उस समय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्वीट कर न्याय की गुहार लगाई थी। उनका कहना था कि उन्होंने ग्वालियर और शिवपुरी में पोस्टिंग के लिए आवेदन दिया था, लेकिन उन्हें सीधी भेज दिया गया, जहां सीधी रेल सुविधा भी नहीं है।


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

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