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अपराधियों के अवैध मकान बुलडोजर से ध्वस्त करने की कार्रवाई पर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खोला मोर्चा, कह दी ये बड़ी बात

Bulldozer action against criminals : मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पिछले कुछ महीनों में जघन्य अपराध और दंगों में शामिल लोगों ...

Edited By: , November 29, 2022 / 08:39 PM IST

भोपाल। Bulldozer action against criminals : मध्यप्रदेश सरकार की ओर से पिछले कुछ महीनों में जघन्य अपराध और दंगों में शामिल लोगों के अवैध मकान और दुकानों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करने की कार्रवाई की वैधता को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं और नेताओं के एक वर्ग ने सवाल उठाए हैं। इन अपराधियों के परिवार के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इस महीने की शुरुआत में भोपाल जिला प्रशासन ने शहर के एक मशहूर निजी स्कूल की साढ़े तीन वर्ष की छात्रा से साथ कथित तौर पर बलात्कार करने वाले बस चालक के अवैध घर को ध्वस्त कर दिया था। चालक को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन के अधिकारी प्रदेश की राजधानी भोपाल के अजय नगर में उसके दो कमरों के अस्थायी घर पर पहुंचे और उसके परिवार के सदस्यों को किसी अन्य स्थान पर जाने का कोई मौका दिए बिना उसे ध्वस्त कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उनके घर को तोड़ने से पहले उन्हें कोई नोटिस नहीं दिया गया।

इस विध्वंस कार्य में शामिल एक अधिकारी ने कार्रवाई को सही ठहराते हुए कहा कि ढांचा अवैध था, इसलिए हमने इसे ध्वस्त कर दिया। लेकिन नाम उजागर न करने की शर्त पर एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, ‘‘जब उसने अपराध किया, तब ही उसके घर की यह अवैधता प्रशासन के संज्ञान में कैसे आई? जब घर का निर्माण किया जा रहा था, तब वे कहां थे?’’

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को चालक की पत्नी, उसकी दो नाबालिग लड़कियों और उसके माता-पिता सहित परिवार के सदस्यों के बारे में सोचना चाहिए था, जो अब बेघर हो गये हैं। आरोपी बस चालक के 52 वर्षीय पिता ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘मकान टूटने के बाद अब हम सभी कोलार इलाके में अपने दामाद व बेटी के घर में रह रहे हैं। हमारी कोई सुन नहीं रहा है।’’

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उन्होंने कहा, ‘‘हमें प्रशासन ने घर से बेघर कर दिया। हम पिछले 30 साल से अपने इस घर में रहे थे। दो कमरों का घर था। शाम पांच बजे हमें बाहर निकालकर घर तोड़ दिया। इससे पहले नगर निगम या किसी ने कोई नोटिस नहीं दिया था।’’ आरोपी बस चालक इस घर में अपनी पत्नी (28), दो बेटियों (छह एवं चार साल की) और अपने माता-पिता के साथ रहता था।

आरोपी बस चालक की 28 वर्षीय पत्नी ने कहा, ‘‘अजय नगर झोपड़ पट्टी में हमारा चद्दर के शेड वाला कच्चा मकान था, उसे पूरी तरह से तोड़ दिया। बिना कारण परिवार को सजा मिल रही है। बारिश में दो छोटी बच्चियों को लेकर हम कहां जाएंगे। ये गलत है।’’ गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) आरंभ की संचालिक अर्चना सहाय ने इस तरह की दंडात्मक कार्रवाइयों को पूरी तरह से अनुचित करार देते हुए पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘अधिकारियों को आरोपियों के परिवार के सदस्यों को दंडित नहीं करना चाहिए। उन्हें आरोपियों के परिवार के सदस्यों, विशेष रूप से नाबालिग बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के बारे में सोचना चाहिए।’’

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मध्यप्रदेश मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सदस्य बादल सरोज ने बस चालक का घर गिराने के लिए भोपाल जिला प्रशासन की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘आरोपी व्यक्ति के घर को ध्वस्त करना पूरी तरह से अनुचित है। किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति अपराध का दोषी है।’’ पिछले कुछ महीनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों से दंगों और पथराव सहित विभिन्न जघन्य अपराधों में कथित रूप से शामिल लोगों के अवैध मकानों एवं दुकानों को ध्वस्त करने की इसी तरह की कई घटनाएं सामने आई हैं। अप्रैल में खरगोन जिला प्रशासन ने खरगोन शहर में रामनवमी के जुलूस पर पथराव करने के आरोपी लोगों के कम से कम 50 अवैध मकानों एवं दुकानों को ध्वस्त कर दिया था।

सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भोपाल बस चालक के घर को ध्वस्त किए जाने को सही ठहराया है। भाजपा के प्रदेश सचिव एवं प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा, ‘‘नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई थी। आरोपी था, इसलिए उसका अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया है। गैर कानूनी ढांचा था। जो सजा आरोपी को होनी है उसे फास्ट ट्रैक में ले जाना है। किसी समाज में ठीक संदेश जाए कि ऐसे लोगों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ये संदेश देने का काम किया है।’’

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जब उनसे सवाल किया गया कि इससे आरोपी के साथ-साथ परिवार को भी एक प्रकार से सजा हो जाती है, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘‘यह अवैध निर्माण था। अवैध मकान को ध्वस्त किया गया है। अगर उसका कोई वैध मकान गिराया होता और उसका परिवार वहां रह रहा होता, तो बात अलग थी।’’ वहीं, मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा, ‘‘जिसने यह घृणित काम किया है उसके साथ-साथ स्कूल प्रबंधन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। सबसे बड़ी कार्रवाई तो स्कूल प्रबंधन पर होना चाहिए।’’

आरोपी बस चालक के अवैध मकान ढहाने के संबंध में उन्होंने कहा, ‘‘आरोपी बस चालक ने घृणित काम किया है, तो उसे नतीजा भुगतना होगा। ऐसे घृणित आदमी के साथ कोई खड़ा नहीं हो सकता है। ऐसे घृणित काम करने वालों को नेस्तनाबूत कर देना चाहिए। ये कोई भी हों, मानवता के दुश्मन हैं।’’