भोपाल, 17 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश विधानसभा में मंगलवार को महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री सुरेश कलमाड़ी और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कन्हू चरण लेंका के निधन पर शोक व्यक्त किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इसके साथ ही पिछले साल 31 दिसंबर को असम में ड्यूटी के दौरान एक हादसे में झुलसकर मारे गए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के जवान सुनील कुमार कुशवाहा तथा इसी साल 22 जनवरी को जम्मू संभाग में एक सैन्य वाहन के खाई में गिरने से अपनी जान गंवाने वाले सेना के जवान शैलेन्द्र सिंह भदौरिया को भी श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन की कार्यवाही आरंभ होने पर अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने पवार, कलमाड़ी और लेंका के योगदानों तथा हादसों में मारे गए जवानों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सभी दिवंगतों के योगदानों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।
यादव ने कहा कि अजित पवार के साथ उनके व्यक्तिगत रिश्ते थे और उन्होंने किसानों के हित में काफी काम किया।
यादव ने कहा कि कलमाड़ी के निधन से देश ने एक वरिष्ठ खेल प्रशासक और नेता खोया है।
मुख्यमंत्री ने लेंका तथा मध्यप्रदेश के भिंड के रहने वाले जवान सुनील कुमार और शैलेन्द्र सिंह भदौरिया की हादसे में मौत पर शोक जताया।
सिंघार ने अजित पवार को लोकप्रिय जन नेता बताते हुए कहा कि कुशाल प्रशासक और सैनिक की जब असामयिक मृत्यु होती है तो समाज और राष्ट्र की अपूरणीय क्षति होती है।
उन्होंने कहा, ‘‘पवार को महाराष्ट्र में अजित दादा के नाम से जाना जाता था। बारामती से उनको विशेष प्यार था। वह सुबह-सुबह ही आम जनता से मुलाकात शुरू कर देते थे।’’
सिंघार ने कलमाड़ी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने देश में खेलों के प्रति जागरुकता बढ़ाई और ओलंपिक को बढ़ावा देने का काम किया।
इसके साथ ही सिंघार ने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से मरने वाले 35 लोगों के परिवारों के प्रति भी वह संवेदना व्यक्त करते हैं।
उल्लेखनीय है कि मप्र सरकार ने उच्च न्यायालय में प्रस्तुत अपनी ‘डेथ ऑडिट’ रिपोर्ट में बताया है कि दिसंबर 2025 में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पेयजल से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण 16 लोगों की मौत हुई थी।
इसके बाद सभी मृतकों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखा गया और फिर सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।
भाषा दिमो ब्रजेंन्द्र
शफीक
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